शहडोल। जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर सिंहपुर में जुए का कारोबार पखवाड़े भर से जमकर संचालित किया जा रहा है। लेकिन स्थानीय पुलिस अभी तक ऐसे अवैध कारोबारी पर नकेल नहीं कस पा रही है।एक तरफ तो पुलिस दावा करती है कि, वो पूरी तरह से सत्यमेव जयते के आदर्शों पर चलकर कानून व्यवस्था को संभाले हुये है। दूसरी तरफ पुलिस के इशारे पर अगर जुएं का फड़ संचालित किया जाये और उस पर नियंत्रण न हो तो किसे दोषी कहेंगें। सिंहपुर के आसपास जंगल में जिस तरह से घोड़ी दौड़ाई जा रही है और बावन परी का खेल जारी है, उस पर नियंत्रण लगा पाने में पुलिस इसलिये नाकाम साबित हो रही है। पुलिस की नाकामी पर यह कहा जा सकता है कि पुलिस के संरक्षण में यह कारोबार बेधड़क संचालित होरहा है। सूत्र बताते हैं कि सिंहपुर थाना अंतर्गत सरईकांपा के जंगलों में रामजी के आदेश पर जुएं का फड़ संचालित हो रहा है। चर्चाओं के मुताबिक 2 हजार में 100 की नाल नियमित रूप से खुलती है।जब इस मामले में सिंहपुर के थाना प्रभारी से बात की जाती है तो वो अज्ञानता प्रकट करते हैं। लेकिन यह कहा जा रहा है कि 2 से 3 लाख रुपये से ऊपर का जुआं यहां नियमित रूप से संचालित हो रहा है। कभी शिक्षा जगत में छात्रों को शिक्षा देने में एक व्यक्ति आज जुएं का फड़ संचालित कर रहा है। इसमें औद्योगिक नगरी बुढ़ार से भी दो व्यक्ति हैं जो पार्टनर के रूप में काम कर रहे हैं, जिन्होंने इस कारोबार को अंजाम देने का काम किया है।सूत्रों का कहना है कि शहडोल, बुढ़ार एवं नौरोजाबाद के क्षेत्र से इस जुएं के फड़ में अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर लाखों रुपयों का जुआं खेल रहे हैं। सूत्रों की मानें तो गोलू नामक व्यक्ति भी सइ कारोबार में अहम भूमिका निभा रहा है।राम के आदेश पर चल रहा जुएं का फड़ दिन में 2 बजे से संचालित होता है और देर रात्रि लगभग 2 बजे तक बेखौफ रूप से संचालित किया जाता है। शुरुआत घोड़ी से होती है और उसके बाद जैसे-जैसे महफिल जमती है तो वो जुए के फड़ में तब्दील हो जाती है।सीमेंट की पिच भी बनाई गई है जिससे घोड़ी को कुदाया जा सके। लेकिन बेचारी सिंहपुर पुलिस इन सब बातों से बेखबर है। यह भी बताया जाता है कि इस ठीहे तक लोगों को जुआं खेलने के लिये पहुंचाने का काम पुरानी बस्ती का अनिल नामक व्यक्ति करता है।
जुआड़ियों के लिए पिकनिक जैसी व्यवस्था
सिंहपुर में जुएं के फड़ को संचालित करने वाले रामजी और आदेश ने अपने जुआड़ी भाईयों को रविवार के दिन विशेष पैकेज की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। सूत्रों की मानें तो जंगल में मंगल कर जुएं का फड़ संचालित किया जा रहा है और रविवार के दिन पनीर और चिकन की विशेष सुविधा उपलब्ध संचालकों द्वारा कराई जाती है और किस्मत आजमाने वाले खेल खेलने का साथ पिकनिक का अनुभव भी कर रहे हैं।
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