ब्यूरो चीफ सोनभद्र/ समाज जागरण
सोनभद्र। जनपद के बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र के बाड़ी खनन इलाके में खननकर्ता नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। यहां डीजीएमएस, खनन विभाग और भू:गर्भ विभाग के मानकों को ताक पर रखकर काम किया जा रहा है, जिससे मजदूरों की जान जोखिम में है और पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा है। खननकर्ता अवैध बोल्डर खदानों से मानक से अधिक विस्फोटक लगाकर लगातार बोल्डर निकाल रहे हैं। इससे बने गहरे गड्ढों में भू:गर्भ से निकलने वाला पानी भर गया है। खदानों में अत्यधिक पानी भरने के कारण खननकर्ता इसे बाहर निकालकर डिस्पोज कर रहे हैं। यह दूषित पानी आसपास के कृषि क्षेत्रों में किसानों के लिए समस्या बन रहा है और भू:गर्भ में जाने से जल प्रदूषित हो रहा है। क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण को लेकर शिकायतकर्ता निर्भय चौधरी ने मुख्यमंत्री को पत्र देकर शिकायत की थी, साथ ही भू: गर्भ विभाग और खनन निदेशक को पत्र लिखकर मंगला स्टोन में हो रहे लगातार जल दोहन और अवैध खनन की शिकायत की थी। शिकायत के बाद सोमवार शाम को जिला भू:गर्भ जल प्रबंधन परिषद सोनभद्र के नोडल अधिकारी बी पोर्टल के विक्रांत सिंह और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थल निरीक्षण किया, हालांकि वो खदान के निचले हिस्से में बैरिकेडिंग लगे होने से जा नहीं पाए। भू:गर्भ बी पोर्टल अधिकारी विक्रांत सिंह ने खदान के ऊपर से ही मौका मुआयना कर वीडियो बनाया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिलाधिकारी और जिला भू:गर्भ जल प्रबंधन परिषद की सचिव सीडीओ जागृति अवस्थी को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। उन्होंने पाया कि खननकर्ता खनन की आड़ में लगातार जल को दूषित कर रहे हैं, जिससे आसपास के भू: जल के प्रदूषित होने की पूरी संभावना है।शिकायतकर्ता निर्भय चौधरी ने बताया कि मंगला प्रसाद की खदान में मानक से चार गुना अधिक विस्फोटक का इस्तेमाल कर बोल्डर निकाला जा रहा है, जिससे राजस्व की क्षति हो रही है तो वही भू:गर्भ जल दोहन कर क्षेत्र में जल प्रदूषित करने की हिमाकत की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि शिकायत पर त्वरित कार्रवाई नहीं होती है, तो वे इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय तक जाएंगे।
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