नई दिल्ली। विवाहेतर संबंधों को बढ़ावा देने के आरोप में ग्लीडन नामक सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म पर कानूनी शिकंजा कसना शुरू हो गया है। सामाजिक संस्था @sewanyaya द्वारा सूचना एवं शिकायत भेजे जाने के बाद यह मामला गंभीर रूप से सामने आया है। संस्था का आरोप है कि यह प्लेटफ़ॉर्म विवाहित महिलाओं और पुरुषों को गोपनीय रूप से विवाहेतर शारीरिक संबंध बनाने के अवसर प्रदान करता है और इसके लगभग 40 लाख भारतीय उपयोगकर्ता सक्रिय बताए जा रहे हैं।
शिकायत में कहा गया है कि ग्लीडन के माध्यम से व्यभिचार, यौन आमंत्रण और विवाहेतर संबंधों को बढ़ावा देने जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जो भारतीय सामाजिक-सांस्कृतिक मूल्यों के विपरीत हैं।
संस्था ने यह भी चेताया है कि ऐसे गुप्त विवाहेतर संबंध उजागर होने पर दांपत्य जीवन में दरार, घरेलू हिंसा, तनाव और कई बार आत्महत्या जैसे गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। इस आधार पर प्लेटफ़ॉर्म की गतिविधियों को सामाजिक-पारिवारिक संरचना व सांस्कृतिक परंपराओं के प्रतिकूल बताया गया है।
इन तथ्यों को संज्ञान में लेते हुए मामले की विधिक समीक्षा आवश्यक मानी गई है। इसी क्रम में संबंधित प्रावधानों के तहत केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (@GoI_MeitY) को नोटिस जारी कर विस्तृत जानकारी मांगी गई है।
मंत्रालय से प्राप्त उत्तर और दस्तावेजों के आधार पर आगामी कार्यवाही तय की जाएगी।
समाज में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते प्रभाव के बीच यह मामला ऑनलाइन नैतिकता, पारिवारिक सुरक्षा और डिजिटल सेवा प्रदाताओं की जिम्मेदारी पर नए सवाल खड़े करता है।

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