वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो, किशनगंज।
नगर पंचायत ठाकुरगंज में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं में अनियमितता, वित्तीय गड़बड़ी एवं संभावित भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता कौशल किशोर यादव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इन मामलों को गंभीर बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने बताया कि वार्ड संख्या 09 में राम बाबू साह के घर से चिंटू के घर तक पीसीसी सड़क निर्माण कार्य कागजों में पूर्ण दर्शाया गया है, जबकि स्थल पर ऐसा कोई कार्य नहीं हुआ है। इसके बावजूद लगभग 4 लाख रुपये से अधिक की राशि की निकासी किए जाने का आरोप लगाया गया है।
उन्होंने कहा कि नगर क्षेत्र के कई स्थानों पर बिना स्वीकृत प्राक्कलन (एस्टिमेट) एवं योजना सूचना पट्ट लगाए ही निर्माण कार्य कराए गए हैं, जो निर्धारित नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
जल-नल योजना के संबंध में उन्होंने आरोप लगाया कि नगरवासियों को नियमित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है, जबकि हर माह लाखों रुपये व्यय किए जा रहे हैं। इससे योजना की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं।
सफाई व्यवस्था पर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि संबंधित एजेंसी को प्रतिमाह लगभग 13 लाख रुपये का भुगतान किया जा रहा है, जबकि अनुबंध के अनुसार 100 सफाई कर्मियों की तैनाती अनिवार्य है। इसके विपरीत मात्र 20–25 कर्मी ही कार्यरत पाए जा रहे हैं। डोर-टू-डोर कचरा उठाव की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं बताई गई है।
प्रेस विज्ञप्ति में राजस्व हाट निर्माण में नियमों की अनदेखी, सड़क निर्माण कार्यों को छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित कराए जाने तथा निर्जन क्षेत्रों में सड़क निर्माण कर निजी लाभ पहुंचाने की आशंका भी जताई गई है।
निविदा प्रक्रिया को लेकर उन्होंने बताया कि लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित नाला निर्माण कार्य की निविदा पिछले तीन वर्षों में तीन बार रद्द की जा चुकी है, जिससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
इसके अतिरिक्त, नालों की सफाई के लिए अलग से निविदा निकालने के प्रस्ताव को उन्होंने अनावश्यक बताते हुए इस पर पुनर्विचार की आवश्यकता जताई है।
अंत में सामाजिक कार्यकर्ता कौशल किशोर यादव ने मांग की है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सही रूप में आम जनता तक पहुंच सके और लोगों का विश्वास बना रहे।



