*गोविंदपुर जलापूर्ति योजना 48 घंटे से ठप, डेढ़ लाख की आबादी पेयजल संकट में बेहाल**

*दैनिक समाज जागरण | 26 मई 2026**
**चांद कुमार लायेक, ब्यूरो चीफ – पूर्वी सिंहभूम, जमशेदपुर**

जमशेदपुर के गोविंदपुर क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच **गोविंदपुर जलापूर्ति योजना के 48 घंटे से ठप** होने से व्यापक पेयजल संकट गहरा गया है। 21 पंचायतों के करीब **22 हजार परिवार**, यानी लगभग **डेढ़ लाख की आबादी**, बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हो गई है। दो दिनों से लगातार जलापूर्ति बंद रहने से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।



## **पानी टंकी परिसर में आक्रोशित ग्रामीणों का प्रदर्शन**

मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएँ और युवा **जिला परिषद सदस्य डॉ. परितोष सिंह** के नेतृत्व में गोविंदपुर स्थित पानी टंकी परिसर पहुँचे और जोरदार प्रदर्शन किया।


आक्रोशित भीड़ ने विभागीय अधिकारियों और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए **तुरंत जलापूर्ति बहाल** करने की मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के चरम पर पानी की आपूर्ति बाधित होना “खुली प्रशासनिक लापरवाही” का उदाहरण है।

**पेयजल संकट ने बढ़ाई मुश्किलें**

लोगों के अनुसार घरों में पानी लगभग समाप्त हो चुका है।

* कई परिवार दूर-दराज से पानी ढोने को मजबूर हैं।
* महिलाओं और छोटे बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
* ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी समाधान को लेकर गंभीर नहीं हैं और **जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालकर पल्ला झाड़ रहे हैं**।

स्थिति बिगड़ने पर लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है।



## **“अधिकारियों का तालमेल शून्य, जनता त्राहिमाम” — डॉ. परितोष सिंह**

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला परिषद सदस्य **डॉ. परितोष सिंह** ने कहा कि जहां राज्य सरकार और मुख्यमंत्री गर्मी को देखते हुए पानी की व्यवस्था को दुरुस्त रखने के निर्देश दे रहे हैं, वहीं जिले में संबंधित विभागों की संवेदनहीनता चरम पर है।

उनका आरोप है:

* **पीएचइडी** और **बिजली विभाग** के बीच तालमेल का अभाव है।
* दोनों विभाग **एक-दूसरे पर दोषारोपण** कर रहे हैं।
* इसका खामियाज़ा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द जलापूर्ति बहाल नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र होगा।
**बुधवार को प्रमुख अन्ना चौक को जाम करने की घोषणा** भी की गई।



## **ग्रामीणों ने प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया**

स्थानीय लोगों ने कहा कि इतनी गर्मी में पानी की आपूर्ति ठप होना सीधे-सीधे प्रशासनिक विफलता है। ग्रामीणों की मांग है कि:

* तकनीकी खराबी को तुरंत दूर किया जाए
* नियमित जलापूर्ति शुरू की जाए
* समस्या का स्थायी समाधान किया जाए

लोगों ने चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को बड़े स्तर पर जारी रखा जाएगा।

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