आजादी के बाद भी सड़क-पुल की सुविधा से वंचित होने का ग्रामीणों का दावा, पहले सरकारी नाव और फिर स्थायी पुल बनाने की मांग
किशनगंज/टेढ़ागाछ। बिहार के किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत चिल्हनियां पंचायत के वार्ड संख्या-9 स्थित मुस्लिम टोला के ग्रामीण आज भी सुरक्षित आवागमन की सुविधा के लिए परेशान हैं। गोरिया नदी पर पुल नहीं होने के कारण लोगों को बाजार, इलाज, शिक्षा और अन्य जरूरी कामों के लिए नदी पार करनी पड़ती है। बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने से दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से चली आ रही इस समस्या के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल सरकारी नाव की व्यवस्था कराने और गोरिया नदी पर पक्का पुल बनाने की मांग की है।
सुहिया हाट जाने के लिए रोज उठाना पड़ता है जोखिम
स्थानीय निवासी मुख्तार आलम और फिरोज आलम के अनुसार, सुहिया हाट जाने के लिए ग्रामीणों को प्रतिदिन गोरिया नदी पार करनी पड़ती है। पुल नहीं होने और नाव की समुचित व्यवस्था नहीं रहने के कारण लोगों को जोखिम उठाकर आवागमन करना पड़ता है।
इस समस्या से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों के लिए जरूरी काम से घर से बाहर निकलना भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। नदी का जलस्तर बढ़ने पर स्थिति और गंभीर हो जाती है।
सांसद, विधायक और प्रशासन से लगा चुके हैं गुहार
ग्रामीण राशिद आलम, केयूम आलम, अफरोज आलम और नईम आलम ने बताया कि गोरिया नदी पर पुल निर्माण और गांव तक पक्की संपर्क सड़क बनाने की मांग को लेकर सांसद, विधायक तथा जिला प्रशासन को कई बार आवेदन दिया जा चुका है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।
ग्रामीणों का दावा है कि आजादी के बाद से ही यह इलाका बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। उनका कहना है कि सुरक्षित सड़क और पुल जैसी आवश्यक सुविधाएं नहीं मिलने से उन्हें रोजमर्रा के जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पहले सरकारी नाव, फिर स्थायी पुल निर्माण की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गोरिया नदी में तत्काल सरकारी नाव की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही नदी पर स्थायी पुल और मुस्लिम टोला तक पक्की संपर्क सड़क के निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू कराई जाए।
ग्रामीणों ने नवपदस्थापित जिला पदाधिकारी नवीन कुमार से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने और वर्षों पुरानी समस्या का समाधान कराने की अपील की है।
अब प्रशासन की पहल का इंतजार
गोरिया नदी पर पुल नहीं होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में लगातार जोखिम उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा और सुरक्षित आवागमन के लिए ठोस कदम उठाएगा। अब देखना होगा कि प्रशासन इस समस्या के समाधान के लिए कब तक पहल करता है।
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