11 हजार कलशों के साथ निकली यात्रा
समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश
पटना/ जिले के गौरीचक थाना क्षेत्र स्थित चंडासी गांव में मंगलवार को श्रद्धा और आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। यहाँ विश्व की सबसे बड़ी 108 फीट ऊंची अर्धनारीश्वर प्रतिमा के प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ का शुभारंभ एक भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल होने के लिए संपतचक, पुनपुन और फतुहा समेत आसपास के इलाकों से 20 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। कलश यात्रा मंदिर परिसर से शुरू होकर करीब छह किलोमीटर का सफर तय कर पुनपुन नदी तट तक गई। इसमें 11 हजार महिलाओं और युवतियों ने सिर पर कलश धारण कर भाग लिया।
मार्ग में हाथी-घोड़े, बैंड-बाजे और धार्मिक झांकियों के साथ हुए इस आयोजन ने पूरे इलाके को भक्ति के रंग में रंग दिया। “हर-हर महादेव” और “जय अर्धनारीश्वर” के जयकारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान रहा।
भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। आयोजन समिति और स्थानीय लोगों ने मार्ग में पेयजल, शरबत और पानी के छिड़काव की विशेष व्यवस्था की थी। लगभग 11 करोड़ रुपये की लागत से बना यह भव्य मंदिर परिसर कई राज्यों के शिल्पकारों की मेहनत का परिणाम है। आधार सहित 143 फीट ऊंची यह प्रतिमा न केवल देश, बल्कि विश्व की सबसे बड़ी अर्धनारीश्वर प्रतिमा मानी जा रही है। मंदिर परिसर में शिव-पार्वती के साथ भगवान गणेश और कार्तिकेय की भी विशाल प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं।
आयोजन समिति के प्रमुख शत्रुंजय कुमार सिंह (सातों सिंह) ने बताया कि 17 से 25 जून तक 1008 कुंडीय महायज्ञ का आयोजन होगा, जिसमें देशभर के करीब एक हजार विद्वान ब्राह्मण शामिल हो रहे हैं। 26 जून को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सभी प्रतिमाओं की भव्य प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के बीच गौरीचक थाना पुलिस पूरे मार्ग पर तैनात रही। आयोजन को सफल बनाने में ‘हर-हर महादेव’ टीम के स्वयंसेवक दिन-रात व्यवस्थाओं में जुटे हैं। यह मंदिर आने वाले समय में राज्य के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाएगा।
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