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ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में भारत के रंगों के साथ दिखी युवा ऊर्जा, राम की कथा ने बांधा सांस्कृतिक रंग



उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में व्यापार, उद्योग, नवाचार और संस्कृति के साथ युवाओं के मंचीय कार्यक्रम रहे विशेष आकर्षण

रिपोर्ट : रविंद्र आर्य

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित वर्ष 2026 के उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में उत्तर प्रदेश की औद्योगिक प्रगति, उद्यमिता, निर्यात, नवाचार और सांस्कृतिक विविधता का व्यापक प्रदर्शन देखने को मिला। 25 से 29 सितंबर तक आयोजित इस मेले में उद्योग और व्यापार से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया।



मेले का मुख्य केंद्र युवाओं के लिए आयोजित मंचीय कार्यक्रम रहा। नृत्य, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने युवाओं में खासा उत्साह पैदा किया। मेले के अंतिम समय तक युवा मंच के आसपास जुटे रहे और प्रस्तुतियों का आनंद लेते हुए बड़ी संख्या में रील बनाते दिखाई दिए। युवाओं की यह सक्रिय भागीदारी मेले के सांस्कृतिक पक्ष को विशेष रूप से जीवंत बनाती रही।



मेले की विशेषता केवल व्यापारिक प्रदर्शन तक सीमित नहीं रही। यहां उद्योग, उद्यमिता और नई तकनीक के साथ युवाओं को जोड़ने वाली गतिविधियों को भी स्थान मिला। विद्यार्थियों के लिए आयोजित विकसित भारत 2047 मॉडल संयुक्त राष्ट्र कार्यक्रम में 14 विद्यालयों के 100 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने वैश्विक व्यापार, वैश्विक अर्थव्यवस्था, तकनीक और बदलती आपूर्ति शृंखला जैसे विषयों पर चर्चा की।

उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले का उद्देश्य राज्य के उद्योगों, उद्यमियों, निर्यातकों, छोटे एवं मध्यम उद्यमों और व्यापार जगत को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ना भी रहा। आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह आयोजन उद्योगों, नए उद्यमों, निर्यातकों और व्यापार जगत के लिए अपने नवाचार प्रदर्शित करने, साझेदारी बनाने और नए बाजार तलाशने का मंच रहा।



इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट स्वयं विभिन्न क्षेत्रों की प्रदर्शनियों और सम्मेलनों के लिए प्रमुख केंद्र है। यहां विनिर्माण, वस्त्र, अभियांत्रिकी, खाद्य एवं पेय, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी, वाहन, शिक्षा, निर्माण और उपभोक्ता वस्तुओं सहित अनेक क्षेत्रों से जुड़े आयोजन होते हैं।

इसी व्यापक औद्योगिक और व्यावसायिक वातावरण के बीच ‘कलर्स ऑफ इंडिया’ की भव्य नृत्य-नाट्य प्रस्तुति ने मेले को सांस्कृतिक रंग प्रदान किया। भारत की विविधता, संस्कृति और परंपराओं को नृत्य, संगीत और रंगों के माध्यम से प्रस्तुत करने वाली इस प्रस्तुति की प्रेरणा भारत की उस शाश्वत कथा से जुड़ी है, जो सदियों से भारतीय जीवन और संस्कृति का हिस्सा रही है—श्रीराम की कथा।

राम की यात्रा केवल अयोध्या से लंका तक की यात्रा नहीं, बल्कि भारत की धरती, उसकी प्रकृति, लोकजीवन और विभिन्न संस्कृतियों से होकर गुजरने वाली यात्रा के रूप में प्रस्तुत की गई। इसी यात्रा के माध्यम से भारत के अलग-अलग रंगों को मंच पर सामने लाया गया—साहस, भक्ति, करुणा, शक्ति, शांति और उत्सव के रंग।

विभिन्न नृत्य शैलियों, संगीत और दृश्यात्मकता के संगम से सजी इस प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि भारत अनेक रंगों से बना है, लेकिन इन सभी रंगों की आत्मा एक है।

इस भव्य प्रस्तुति की रचनात्मक दिशा में श्री राम सांखला, श्रीस्वाति नृत्य प्रतिष्ठान के निदेशक, नृत्य निर्देशक, कलाकार एवं महोत्सव संयोजक के रूप में सक्रिय रहे। उन्होंने गुरु श्री संतोष नायर के मार्गदर्शन में मयूरभंज छऊ और समकालीन नृत्य का प्रशिक्षण प्राप्त किया है।

श्री राम सांखला ने भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने जी-20 शिखर सम्मेलन, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद, ब्रिटिश काउंसिल तथा भारत मंडपम के उद्घाटन जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर नृत्य निर्देशन एवं प्रस्तुतियों में योगदान दिया है।

वे वर्ष 2026 के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह और वर्ष 2025 में केवड़िया में आयोजित एकता दिवस समारोह में सहायक नृत्य निर्देशक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। विभिन्न राष्ट्रीय सांस्कृतिक मंचों पर उनकी रचनात्मक प्रस्तुतियां लगातार भारतीय नृत्य और संस्कृति को नई दिशा देने का कार्य कर रही हैं।

बक्सर में आयोजित रामायण प्रस्तुति में उन्होंने लगभग 350 लोक कलाकारों के साथ मिलकर रामायण की भव्य प्रस्तुति को आकार दिया। वे दिल्ली के समकालीन नृत्य महोत्सव ‘द ओड स्टेप’ के संस्थापक भी हैं। बड़े स्तर की प्रस्तुतियों, कार्यशालाओं, कला-शिक्षा और नृत्य के निरंतर विकास के माध्यम से वे भारतीय नृत्य जगत में सक्रिय योगदान दे रहे हैं।

ग्रेटर नोएडा के इस मेले में युवाओं के लिए आयोजित मंचीय कार्यक्रम ने विशेष रूप से यह दिखाया कि नई पीढ़ी व्यापार, तकनीक और आधुनिक अवसरों के साथ-साथ अपनी संस्कृति और कला से भी जुड़ना चाहती है। युवाओं द्वारा प्रस्तुतियों की रील बनाना और उन्हें अपने साथियों के साथ साझा करना इस सांस्कृतिक उत्साह का एक नया स्वरूप दिखाई दिया।

उत्तर प्रदेश सरकार की इस पहल में व्यापार और उद्योग के साथ युवा ऊर्जा, नवाचार, कला और संस्कृति को एक साथ मंच मिलने से मेले का स्वरूप और व्यापक हुआ। ऐसे आयोजन युवाओं में उत्साह और रचनात्मक ऊर्जा पैदा करने के साथ उन्हें नए अवसरों, उद्यमिता और प्रगति की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने का माध्यम बन सकते हैं।

‘कलर्स ऑफ इंडिया’ की प्रस्तुति ने इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए श्रीराम के मूल्यों और भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं को एक मंच पर जोड़ा।

भारत अनेक रंगों से बना है, पर इन सभी रंगों की आत्मा एक है।

आइए, स्वागत करें उस यात्रा का, जहाँ राम के मूल्यों से मिलते हैं भारत के रंग।


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