त्योहारों से पहले देश के उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी आई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ निर्देश दिया है कि कंपनियाँ जीएसटी दरों में कटौती का पूरा फायदा ग्राहकों तक पहुँचाएँ। सरकार का यह कदम खास तौर पर मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए राहत लेकर आया है, जिन्हें लंबे समय से महँगाई की मार झेलनी पड़ रही थी।
वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार अमेरिकी टैरिफ से प्रभावित निर्यातकों के लिए विशेष राहत पैकेज तैयार कर रही है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर बनेंगे।
काशीवासियों ने इस राहत भरी खबर का स्वागत करते हुए दैनिक समाज जागरण के मंच पर अपनी प्रतिक्रियाएँ दीं। उनका कहना है कि “त्योहारों में खरीदारी का मज़ा अब दोगुना होगा, क्योंकि सरकार ने आम जनता को बड़ी सौगात दी है।”

त्योहारी सीजन से ही जीएसटी की खत्म की गई दोनों दरों के बाद इसका असर दिखना शुरू हो जाएगा। व्यापारियों का मानना है कि इस बार का त्योहार एकदम अलग दिखाई देगा। जीएसटी से मिली राहत सबसे ज्यादा ग्राहकों पर असर डालेगी। जिससे ग्राहक जमकर खरीदारी करेंगे जिससे इस बार कारोबार चमकेगा।
(सुमित सराफ समाजसेवी)

पिछले दिनों केन्द्र की मोदी सरकार ने दशकों बाद टैक्स में राहत दी है इससे सभी वर्गों को राहत मिलेगी ।वहीं जीएसटी में बदलाव से व्यापारी और आमजन मानस को राहत महसूस होगी।
(अखिलेश कुमार मिश्र कैट प्रदेश महामंत्री)

सरकार द्वारा जी एस टी में कटौती से सभी वस्तु के दाम में कमी होगी जिसका फायदा शिक्षा जगत से जुड़े लोगों को होगा।स्टेशनरी के वस्तु पर भी दाम होने से काफी फायदा होगी।
(शशि कांत सिंह चेयरमैन संजय मेमोरियल वूमेंस कॉलेज)

जीएसटी में इस बदलाव के तहत अधिकतर वस्तुएं 5% और 18% के स्लैब में आ गई हैं. कई वस्तुओं पर अब 0% या शून्य कर लगेगा और कुछ को 40% ‘सिन टैक्स यानी ‘पाप कर’ स्लैब में जोड़ दिया गया है. जीएसटी का नया स्लैब 22 सितंबर से लागू होगा।
(अंजन त्रिपाठी एडवोकेट )

इस निर्णय से 175 से अधिक वस्तुओं पर सीधा प्रभाव पड़ेगा जो सस्ती हो जाएंगी। जिसमें घरेलू उपयोग की दूध पाउडर, दूध की बोतल, रसोई के बर्तन, फर्नीचर, जूते, शैंपू, टैल्कम पाउडर, टूथपेस्ट, साबुह, हेयर आयल, सीमेंद्र और फेस पाउडर आदि भी शामिल हैं।
(डंपी तिवारी बाबा अध्यक्ष मिशन समाज सेवा)

स्कूल जाने वाले बच्चों और उनके पैरेंट्स के लिए राहत की खबर है। सरकार शिक्षा से जुड़ी कई चीजों पर जीएसटी घटाने की तैयारी कर रही है। अभी तक कॉपी, नोटबुक, पेंसिल शार्पनर, लैब नोटबुक, मैप और ग्लोब जैसी चीजों पर 12% से 18% जीएसटी लगता है। अब इन पर टैक्स को घटाकर शून्य करने का प्रस्ताव है।
(धर्मेंद्र सिंह पप्पू प्रबंधक श्री युगल बिहारी इन्टर कालेज रामेश्वर)

जीएसटी में चिकित्सा शिक्षा के साथ साथ रोज की जरूरतों के सामानों की कीमत में कमी आएगी जिससे सभी लोगों को राहत मिलेगी।सरकार के फैसले से माध्यम वर्ग को काफी सहूलियत मिलेगी।
(श्रवण मिश्रा मिंटू समाजसेवी)

जीएसटी ही नहीं सरकार की ओर से रेपो रेट में भी राहत दी गई है। इससे शहर के विकास को और गति मिलेगी। इसका लाभ रियल स्टेट कारोबारियों के साथ साथ आम जनमानस को लाभ मिलेगी।
(राहुल सिंह पटेल समाजसेवी)

जीएसटी काउंसिल ने सॉफ्टड्रिंक व अन्य प्रकार के गैर-अल्कोहलिक पेय पदार्थों पर आगामी 22 सितंबर से 40 प्रतिशत टैक्स लगाने का फैसला किया है। अभी इस प्रकार के कई पेय पदार्थों पर 12-18 प्रतिशत जीएसटी लगता है। समाजसेवी प्रीतेश त्रिपाठी का कहना है कि गुटखा, जर्दा, तंबाकू की तरह कई गैर-अल्कोहलिक पेय पदार्थ भी शरीर के लिए नुकसानदेह है।
प्रीतेश त्रिपाठी समाजसेवी
प्रस्तुति: रंजीत तिवारी
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