टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत बंदियों की टीबी, एचआईवी, सिफिलिस एवं हेपेटाइटिस जांच
किशनगंज, 4 मई।
टीबी मुक्त भारत अभियान अब केवल अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि समाज के हर वर्ग तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से विशेष पहल की जा रही है। इसी क्रम में सोमवार को किशनगंज मंडल कारा में विशेष स्वास्थ्य स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया गया।
100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित इस शिविर में बंदियों की टीबी, एचआईवी, सिफिलिस एवं हेपेटाइटिस की जांच की गई। कारा जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर संक्रमण फैलने की आशंका अधिक रहती है, इसलिए इस तरह के शिविरों को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शिविर का निरीक्षण सीडीओ डॉ. मंजर आलम ने किया। उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए निर्देश दिया कि सभी बंदियों की जांच व्यवस्थित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य है कि कोई भी व्यक्ति जांच और उपचार से वंचित न रहे।
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि जिले में टीबी उन्मूलन को लेकर व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। स्क्रीनिंग, उपचार एवं पोषण सहायता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार या लगातार कमजोरी महसूस हो, तो उसे तत्काल स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए।
जिलाधिकारी विशाल राज ने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के लिए प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग मिलकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय पर जांच कराएं।
शिविर के दौरान बंदियों को टीबी, एचआईवी, सिफिलिस एवं हेपेटाइटिस के लक्षण, बचाव एवं उपचार के संबंध में जागरूक भी किया गया।
यह पहल दर्शाती है कि स्वास्थ्य विभाग अब उन स्थानों तक भी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा रहा है, जहां सामान्य परिस्थितियों में पहुंचना कठिन होता है। ऐसे प्रयास ही टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।



