सोनभद्र के मुख्य डाकघर में तीन दिवसीय प्रशिक्षण का हुआ आयोजन
सुभाष चंद्र यादव/ समाज जागरण
सोनभद्र। जनपद के मुख्य डाकघर के कार्यालय में स्वास्थ्य और कार्यस्थल पर ड्यूटी टाइम में तनाव प्रबंधन के लिए हार्टफुलनेस का तीन दिवसीय कार्यक्रम रविवार को सम्पन्न हुआ। जिसमें प्रतिभागियों को हार्टफुलनेस रिलैक्सेशन, मेडिटेशन, हार्टफुलनेस सफाई और हार्टफुलनेस प्रार्थना का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। जिसमें पोस्टमास्टर एस.के. दयाल सहित सभी कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।
हार्टफुलनेस प्रशिक्षक गोपाल द्वारा लोगों को बताया गया कि हमारा दिल ही है जो हमारा सही मार्गदर्शन कर सकता है और हार्टफुलनेस का मतलब दिल की आवाज को सुनना तथा उसका अनुसरण करना। हम अपने दिमाग की सुनते हैं मगर दिल की नहीं सुनते हैं। हमारा दिल उस वक्त आवाज देता है जब हमसे कुछ गलत होने वाला होता है। हार्टफुलनेस ध्यान का अभ्यास करते रहने से हम अपने दिल की सुनना सीख जाते हैं तब हम संतुलित, आनंदमय एवं उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने लगते हैं।

प्रतिदिन सभी कार्यों के समाप्ति के पश्चात शाम को हार्टफुलनेस सफाई ध्यान करने से हम समय तारोताजा रहते हैं। रात्रि में सोने से ठीक पूर्व हार्टफुलनेस प्रार्थना के माध्यम से हम अपने आंतरिक स्व से जुड़ जाते हैं।
हार्टफुलनेस ध्यान की पद्धति करीब 80 वर्ष पुरानी है जिसे फतेहगढ़ उत्तर प्रदेश के श्री रामचंद्र जी महाराज द्वारा इस संसार को प्रदान की गई जिन्होंने प्राणाहुति के माध्यम से ध्यान को सहज बना दिया इसलिए हार्टफुलनेस को सहज मार्ग कहा जाता है। हार्टफुलनेस के वर्तमान ग्लोबल गाइड कमलेश डी पटेल (आध्यात्मिकता हेतु वर्ष 2023 में पद्म भूषण से सम्मानित) हैं जिन्हें दाजी के नाम से जाना जाता है।
प्रतिभागियों द्वारा हार्टफुलनेस ध्यान आगे भी करने की इच्छा व्यक्त की गई। इस कार्यक्रम में हार्टफुलनेस वॉलिंटियर प्रशांत कुमार भारती, डॉ वैभव, रंजन कुमार , राजमणि मौर्य, कंचन लता और अचला शामिल हैं।
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