वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
बिहार सरकार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों से संबंधित विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पूर्व में लिए गए निर्णयों की प्रगति की समीक्षा करते हुए सीमा पर सतर्कता और सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने कहा कि सीमा क्षेत्र में ड्रग्स एवं नारकोटिक्स की तस्करी रोकने के लिए बिहार पुलिस को और अधिक गंभीरता से कार्य करना होगा। उन्होंने पूर्व में किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए इसे और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। साथ ही, ‘नो मैन्स लैंड’ पर अतिक्रमण हटाने और उसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। विशेष रूप से सीमा पर बने अतिक्रमित धार्मिक ढांचों को हटाने में स्थानीय संवेदनशीलता और सांस्कृतिक पहलुओं का ध्यान रखने को कहा गया।
मुख्य सचिव ने नेपाल में हालिया घटनाओं के मद्देनजर सतर्क रहते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही पश्चिम बंगाल में होने वाले चुनाव को देखते हुए बिहार सीमा पर विशेष चौकसी बरतने और हर हाल में विधि-व्यवस्था बनाए रखने पर बल दिया।
बैठक के दौरान पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने सीमा क्षेत्र में बढ़ते साइबर अपराधों को लेकर सतर्क रहने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सिविल सोसाइटी और प्रशासन के सहयोग से आसूचना तंत्र को मजबूत किया जाए। मानव तस्करी की रोकथाम, ड्रग्स सप्लाई चेन तोड़ने और नकली नोट गिरोहों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में किशनगंज एवं अररिया के जिलाधिकारियों ने अपने-अपने जिलों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। मुख्य सचिव ने भारत-नेपाल सीमा पर क्षतिग्रस्त पिलरों को निर्धारित समयसीमा में दुरुस्त करने का निर्देश भी दिया।
बैठक में सशस्त्र सीमा बल (SSB) के प्रतिनिधियों ने भी सीमा से जुड़े विभिन्न मुद्दों को रखा। इस दौरान पूर्णिया प्रमंडल के आयुक्त, गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, संबंधित जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सहित कई वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
Discover more from समाज जागरण
Subscribe to get the latest posts sent to your email.



