224 राजस्व कर्मचारियों का निलंबन रद्द, काम पर लौटने के निर्देश
समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश
पटना/ बिहार में प्रशासनिक कामकाज को गति देने के लिए नीतीश-सम्राट सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राज्यभर में निलंबित किए गए 224 राजस्व कर्मचारियों का निलंबन तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है। इस फैसले से अंचल स्तर पर महीनों से ठप पड़े दाखिल-खारिज और जमीन मापी जैसे कार्यों के पटरी पर लौटने की उम्मीद है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर सचिव डॉ. महेंद्र पाल द्वारा जारी पत्र के अनुसार, 11 फरवरी से 19 अप्रैल के बीच जिन कर्मचारियों को निलंबित किया गया था, उन्हें राहत दी गई है। ज्ञात हो कि बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ के आह्वान पर कर्मचारी ग्रेड-पे में वृद्धि और गृह जिला स्थानांतरण जैसी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर चले गए थे।
हड़ताल के कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था और जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी प्रभावित हुए थे।शुरुआत में विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए सामूहिक कार्रवाई की थी, लेकिन कार्यों में आ रही बाधा को देखते हुए अब बीच का रास्ता निकाला गया है। सरकार ने कर्मचारियों से अपील की है कि वे तुरंत काम पर लौटें और लंबित फाइलों का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर करें। राजस्व कर्मचारियों को राहत मिल गई है, लेकिन 9 मार्च से हड़ताल पर चल रहे अंचलाधिकारियों (CO) और राजस्व अधिकारियों पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। विभाग ने पूर्व में 45 से अधिक अधिकारियों को भी निलंबित किया था। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का यह कदम कर्मचारियों और प्रशासन के बीच संवाद की नई शुरुआत है, जिससे भूमि विवादों के निपटारे में तेजी आएगी।



