
राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारत हिन्दू महासभा।
आज हमें अपनी संस्कृति, सीमा तथा हिन्दुओं की रक्षा हतेु ‘राजनीति का हिन्दूकरण’ करन आवश्यक है । राजनीति का अर्थ केवल चुनाव जीतना नहीं है । वर्तमान राजनीति स्वार्थ से भरी तथा पारिवारीक बन चुकी है । देश की सीमाओं की रक्षा करना राज्यकर्ताओं का दायित्व होता है । अभी भी गोहत्या रूकी नहीं है । मंदिर तोडे जा रहे हैं । हिन्दुओं की अल्प होती जा रही संख्या, लव जिहाद जैसी अनेक समस्याएं हैं । नरसिंह राव सरकार द्वारा बनाए गए ‘मंदिर कानून’ को रद्द कर गिराए गए अथवा मुसलमानों द्वारा हडप लिए गए ३ लाख मंदिरों का पुनर्निर्माण करना है । सरकार को इन सभी कानून बनाने के लिए बाध्य बनाना चाहिए । अब इस महोत्सव के माध्यम से ‘हिन्दू राष्ट्र समिति’ बनाने के प्रयास चल रहे हैं, उसके लिए मेरा संपूर्ण समर्थन रहेगा । पहले राष्ट्रीय स्तर पर स्थित अधिवेशन अब विश्वस्तर का बन चुका है । उसके कारण अखंड हिन्दू राष्ट्र बनेगा, ऐसा लगता है; ऐसा प्रतिपादन अखिल भारत हिन्दू महासभा के अध्यक्ष श्री मुन्ना कुमार शर्मा जी ने किया ।वैश्विक हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन के अंतिम दिन अर्थात ३० जून के द्वितीय सत्र में ‘राजनीति का हिन्दूकरण’ विषय पर वे ऐसा बोल रहे थे ।
उन्होंने आगे कहा कि अखिल भारत हिन्दू महासभा के कार्यकर्ता स्वतंत्रतासंग्राम में सहभागी हुए; परंतु उन्होंने राजनीतिक अधिकार लेने का कभी प्रयास नहीं किया । उसका परिणाम यह हुआ कि यह देश कांग्रेस के हाथ में चला गया । उसके उपरांत कांग्रेस ने संपूर्ण भारत का इस्लामीकरण करना आरंभ किया । उस समय मुख्यमंत्री, राज्यपाल, शिक्षामंत्री आदि सभी मुसलमान थे । वीर सावरकरजी ने कारागृह से बाहर आने पर यह घोषणा करते हुए कहा कि राजनीति का हिन्दूकरण तथा हिन्दुओं का सैनिकीकरण कीजिए । उन्होंने अंग्रेजी सेना में सम्मिलित होने का आवाहन किया । उसके लिए उनकी आलोचना हुई; परंतु उन्होंने यह पूछा कि स्वतंत्रता को टिकाए रखने हेतु सीमाओं की रक्षा करने हेतु क्या सैनिकों की आवश्यकता नहीं है ?’
Discover more from समाज जागरण
Subscribe to get the latest posts sent to your email.



