नोएडा सेक्टर 110 स्थित महर्षि महेश योगी संस्थान के रामलीला परिसर में आयोजित दिव्य श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन विश्व विख्यात अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पूज्य गुरु मां गौरंगी गौरी जी ने कहा कि हिरण्यकश्यप का पुत्र प्रह्लाद था, इसलिए उसने उसे भगवान विष्णु की पूजा बंद करने के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन प्रह्लाद भगवान विष्णु का आस्तिक था, वह नहीं माना। हिरण्यकश्यप को यह पसंद नहीं था, लेकिन प्रह्लाद उसकी भक्ति को उजागर कर रहा था।
इसलिए, हिरण्यकश्यप प्रह्लाद को मारने के लिए तैयार हो गया। तभी भगवान नरसिंह का अवतार लेकर अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा किए। ऐसा होता है भक्त और भगवान के बीच का रिश्ता। जिसकी महिमा और कोई नहीं जब सकता है। इस रिश्ते का समझना है तो खुद को भगवान को समर्पित करना होगा। श्रीमद भागवत कथा कार्यक्रम का आयोजन परम पूज्य महर्षि महेश योगी की दिव्य आशीर्वाद से चल रहा है।

कथा के बीच में कथा वाचक पूज्य गुरु मां गौरंगी गौरी जी ने महर्षि महेश योगी जी की अद्भुत यात्रा का वर्णन किया। कथा परिसर में उपस्थित भक्त कथा सुनकर झूम उठे। कथा कार्यक्रम के चौथे दिन भक्तों की भारी भीड़ देखी गई। नोएडा सेक्टर 110 के आस-पास के गाँव भंगेल बाजार, सलारपुर और गेझा, हाजीपुर के अलावा अनेक सोसाइटियों के भक्त बड़ी संख्या में मौजूद थे।
इस अवसर पर महर्षि महेश योगी संस्थान के अध्यक्ष अजय प्रकाश श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष श्री राहुल भरद्वाज जी की गरिमामयी उपस्थिति भी रही। बदायूं के विधायक सिनोद शाक्य, एक्साइज कमिश्नर कुलदीप यादव, मुखिया अरुण यादव, प्रभारी, भाजपा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और योगेश यादव, सचिव सहित सुदर्शन चैनल के श्रीमती रागिनी तिवारी और विवेकानंद दीक्षित भी उपस्थित थे। आयोजन समिति के संयोजक रामेंद्र सचान, यजमान विनोद दीक्षित एवं अन्य पदाधिकारी गण और हजारों सनातन धर्म प्रेमी मौजूद थे।
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