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परंपरागत उल्लास के साथ किया गया होलिका दहन

दैनिक समाज जागरण अनील कुमार संवाददाता नबीनगर (औरंगाबाद)
नबीनगर (बिहार) नबीनगर में गुरुवार को रात्रि 10.40 बजे पुनपुन नदी छठ घाट के समीप पूरे विधि विधान और परंपरागत रूप से होलिका दहन किया गया। होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार भक्त प्रह्मद राक्षस कुल मे जन्म लेकर भी भगवान विष्णु का भक्त था। उसके पिता राक्षस राज हिरण्यकश्यप इससे रंज होकर प्रह्लाद को मारने का कई प्रयास किया परंतु प्रह्लाद के विष्णु भक्ति के आगे उसकी एक न चली अंत में उसने होलिका के साथ जलती चिता पर बैठाया लेकिन प्रह्लाद ने विष्णु को अह्वाह्र किया और होलिका की अग्नि निरोधी बस्त्र उड़कर प्रह्लाद के उपर आ गया जिससे प्रह्लाद जलने से बच गया और होलिका जल गई। तब से बुराई के प्रतीक के रूप में होलिका दहन का त्योहार मनाया जाने लगा। इस वर्ष होलिका दहन का मुहूर्त गुरुवार को रात्रि 10.30 के बाद से बन रहा था। होलिका दहन पूर्णिमा के दिन जिसमे भद्रा नक्षत्र नही हो मनाया जाता है। नबीनगर छठ घाट के समीप बड़ी संख्या में लोग बच्चे सहित होलिका दहन को देखने आए। वहीं लोगों ने होलिका दहन में में घरों से लाए गए लकड़ी और गोयेठा को दहन में अर्पित किया और परिक्रमा भी किया।वहीलोगो द्वारा इस अवसर पर जमकर आतिशबाजी और पटाखे छोड़े गए।मौके पर सुरक्षा के मद्देनजर नबीनगर थाना पुलिस तैनात थी।


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