वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
11 जनवरी। जिले में लगातार बढ़ती ठंड और शीतलहर के प्रकोप के बीच स्वास्थ्य को लेकर विशेष सतर्कता बरतना आवश्यक हो गया है। तापमान में गिरावट के कारण सर्दी, खांसी, बुखार, सांस संबंधी परेशानी सहित मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन ने आमजन से ठंड से बचाव के सभी आवश्यक उपाय अपनाने की अपील की है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार गर्म कपड़े पहनना, गुनगुना पानी पीना, धूप सेंकना तथा अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलना शीतलहर से बचाव के सबसे प्रभावी उपाय हैं।
ठंड में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि शीतलहर के दौरान बीमारियों से बचाव के लिए सतर्क रहना सबसे आवश्यक है। उन्होंने कहा कि लोग पूरे शरीर को ढकने वाले गर्म कपड़े पहनें और बच्चों एवं बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। ठंड में कम पानी पीने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है, इसलिए पर्याप्त मात्रा में गुनगुना पानी पीना जरूरी है।

उन्होंने बासी भोजन से परहेज करने, ताजा व सुपाच्य भोजन करने तथा अलाव का सुरक्षित तरीके से उपयोग करने की सलाह दी। धूप निकलने पर कुछ समय धूप सेंकना लाभकारी बताया गया। किसी भी प्रकार की सर्दी, खांसी, बुखार या अन्य लक्षण दिखने पर स्वयं इलाज करने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की अपील की गई।
सुबह की सैर में बरतें सावधानी
सिविल सर्जन ने बताया कि अत्यधिक ठंड में सुबह की सैर नुकसानदायक हो सकती है। यदि जाना आवश्यक हो तो धूप निकलने के बाद ही बाहर निकलें। बेहतर होगा कि लोग घर के अंदर ही प्रतिदिन 30 से 45 मिनट तक हल्का व्यायाम करें, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। साथ ही भोजन में अत्यधिक तेल व मसाले से परहेज करने की भी सलाह दी गई।




