हमारा संकल्प: हाइड्रोसील मुक्त जिला
वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
20 जनवरी।
जिले के दिघलबैंक प्रखंड में हाइड्रोसील मुक्त जिला अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में प्रखंड के सभी आशा कार्यकर्ताओं को उनके क्षेत्र अंतर्गत सूचीबद्ध हाइड्रोसील मरीजों का भौतिक सत्यापन करने हेतु आवश्यक प्रपत्र वितरित किए गए। आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया कि वे एक सप्ताह के भीतर सत्यापन कार्य पूरा कर अपनी रिपोर्ट आशा फेसिलिटेटर के माध्यम से प्रखंड कार्यालय को उपलब्ध कराएं।सिविल सर्जन डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी विशाल राज के नेतृत्व में यह अभियान निश्चित रूप से एक सफल मॉडल के रूप में उभरेगा।
हाइड्रोसील मुक्त जिला अभियान का यह प्रयास किशनगंज जिले को स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई दिशा देगा। इस बैठक की अध्यक्षता प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी (MOIC) शमनीष जी ने की। उनके साथ अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए श्दीपक (VDCO), अविनाश राय (VBDC), संजय (VBDS),पिरामल स्वास्थ्य के प्रतिनिधि, और सभी आशा कार्यकर्ता एवं फेसिलिटेटर उपस्थित थे।
अभियान की रणनीति और लक्ष्य
सिविल सर्जन डॉ राजेश कुमार ने बताया कि बैठक में प्रखंड के स्वास्थ्य कर्मियों को हाइड्रोसील मरीजों की पहचान और सत्यापन प्रक्रिया में गंभीरता और सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया। आशा कार्यकर्ताओं को यह भी बताया गया कि वे अपने क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को हाइड्रोसील के इलाज के लिए प्रेरित करें।
जिला प्रशासन का योगदान
सिविल सर्जन डॉ. राजेश कुमार ने इस अभियान को एक बड़ा कदम बताते हुए कहा, “हाइड्रोसील मुक्त जिला अभियान का उद्देश्य न केवल स्वास्थ्य समस्याओं को समाप्त करना है, बल्कि लोगों में जागरूकता बढ़ाना भी है। हाइड्रोसील जैसी बीमारी को समाप्त करना हमारे जिले को स्वास्थ्य की दृष्टि से सशक्त बनाएगा।”जिलाधिकारी विशाल राज ने अभियान को सफल बनाने के लिए सभी विभागों को समन्वय बनाकर काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, “यह अभियान हमारे जिले के स्वास्थ्य सुधार के लिए एक अनूठा प्रयास है। हम सबको मिलकर इसे सफल बनाना है।”
टीम भावना और सामुदायिक सहयोग
सीडीओ डॉ मंजर आलम ने बताया कि स्वास्थ्य के प्रतिनिधियों ने आशा कार्यकर्ताओं को तकनीकी प्रशिक्षण और हर संभव संसाधन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। वहीं, आशा कार्यकर्ताओं ने अभियान को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
अभियान का व्यापक प्रभाव
दिघलबैंक प्रखंड को हाइड्रोसील मुक्त घोषित करने का लक्ष्य न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाएगा, बल्कि यह क्षेत्र में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी मदद करेगा। यह अभियान जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से समाज को एक बेहतर और स्वस्थ भविष्य की ओर ले जाएगा।
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