नॉएडा : एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (IGRS) मामलों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में लगातार लापरवाही बरतने पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। संबंधित प्राधिकरण ने आठ वरिष्ठ अधिकारियों/विभागाध्यक्षों के वेतन आहरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आदेश जारी किया है।
सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय उन विभागों पर कार्रवाई के रूप में लिया गया है जिनके पास 12 से अधिक IGRS शिकायतें लंबित थीं और कई बार निर्देशों के बावजूद निस्तारण नहीं किया गया। ऐसे विभागों को ‘डिफॉल्टर’ घोषित करते हुए अधिकारियों के विरुद्ध यह कठोर कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने इसे एक “अत्यंत आपत्तिजनक एवं जनहित के विपरीत स्थिति” बताया है।
वेतन रोके गए अधिकारियों की सूची इस प्रकार है—
श्री क्रांति शेखर सिंह – विशेष कार्याधिकारी (ग्रुप हाउसिंग)
श्री अरविन्द कुमार सिंह – विशेष कार्याधिकारी (भूलेख)
श्री ए.के. अरोड़ा – महाप्रबंधक (सिविल)
श्री एस.पी. सिंह – महाप्रबंधक (सिविल)
श्री आर.पी. सिंह – महाप्रबंधक (जल)
श्रीमती मीना भार्गव – महाप्रबंधक (नियोजन)
श्रीमती प्रिया सिंह – सहायक महाप्रबंधक (औद्योगिक)
श्री संजीव कुमार बेदी – सहायक महाप्रबंधक (आवासीय भूखंड)
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि IGRS के तहत दर्ज जनशिकायतों का समय पर निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को लंबित मामलों का शीघ्र समाधान करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
क्या उन अधिकारी कर्मचारी सुपर वाइजर फील्ड ऑफिसर, सर्किल ऑफिसर पर भी कार्यवाही होंगी जो लोग अतिक्रमण के मामले मे आये igrs को फ़र्ज़ी तरीके से बंद कर देते हैँ.




