ग्रेटर नोएडा/दिल्ली-एनसीआर, 18 फरवरी 2026। हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद) द्वारा 14 से 18 फरवरी 2026 तक आयोजित 61वां आईएचजीएफ दिल्ली मेला–स्प्रिंग 2026 का समापन अत्याधुनिक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में भव्य समारोह के साथ हुआ। समापन अवसर पर मुख्य अतिथि शालिनी राजपूत (अध्यक्ष, हस्तशिल्प विकास बोर्ड, छत्तीसगढ़) ने 12 उत्पाद श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए पुरस्कार वितरित किए।
इस मौके पर ईपीसीएच के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना, मुख्य संरक्षक एवं आईईएमएल के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार, उपाध्यक्ष सागर मेहता, कार्यकारी निदेशक राजेश रावत सहित प्रशासनिक समिति के सदस्य और अनेक निर्यातक उपस्थित रहे।
🌍 100 देशों से खरीदार, 3000+ प्रदर्शक
डॉ. नीरज खन्ना ने बताया कि पांच दिवसीय मेले ने अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों, आयातकों, थोक विक्रेताओं, सोर्सिंग एजेंटों और प्रमुख खुदरा प्रतिष्ठानों को आकर्षित किया। मेले के दौरान सस्टेनेबिलिटी एक केंद्रीय थीम के रूप में उभरी, जिसमें पर्यावरण-अनुकूल फाइबर, रीसाइकल्ड सामग्री और सर्कुलर डिजाइन आधारित उत्पादों का व्यापक प्रदर्शन देखने को मिला।
डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि इंडिया एक्सपो सेंटर अब वैश्विक खरीदारों और भारतीय निर्यातकों के लिए एक गतिशील बिजनेस हब बन चुका है। इस संस्करण में 900 स्थायी शोरूम, विशाल प्रदर्शनी हॉल और 3000 से अधिक प्रदर्शकों के बीच व्यापक कारोबारी संवाद हुआ।



🛍️ ऑर्डर बुकिंग और नई साझेदारियां
उपाध्यक्ष सागर मेहता के अनुसार, एक ही छत के नीचे विभिन्न मूल्य वर्गों के उच्च गुणवत्ता उत्पाद उपलब्ध रहे, जिससे खरीदारों की विविध जरूरतें पूरी हुईं। कई उत्पादों के ऑर्डर मेले के दौरान फाइनल हुए, जबकि पोस्ट-शो फॉलो-अप से और ऑर्डर मिलने की उम्मीद है।
स्वागत समिति के अध्यक्ष मोहित चोपड़ा ने कहा कि इस सत्र में भावनात्मक रूप से जुड़ने वाले डिजाइन, सस्टेनेबिलिटी और शिल्पकला का मजबूत मेल देखने को मिला।
🌐 वैश्विक खरीदारों की सराहना
स्वागत समिति के उपाध्यक्ष आनंद जालान ने बताया कि यूरोप, अफ्रीका, मिडिल ईस्ट, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अमेरिका और एशिया से आए खरीदारों ने भारतीय हस्तशिल्प की गुणवत्ता, प्रामाणिकता और प्रतिस्पर्धी कीमतों की सराहना की। वस्त्र, धातु शिल्प, लकड़ी फर्नीचर, कालीन और प्राकृतिक फाइबर उत्पाद प्रमुख आकर्षण रहे।
📊 2200 करोड़ का अनुमानित कारोबार
ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राजेश रावत ने जानकारी दी कि मेले में लगभग 100 देशों के 5200 विदेशी खरीदार और 1500 से अधिक घरेलू खरीदार शामिल हुए, जिससे करीब ₹2200 करोड़ का व्यवसाय हुआ।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 में देश से हस्तशिल्प निर्यात ₹33,123 करोड़ (3,918 मिलियन डॉलर) रहा।
🏆 12 श्रेणियों में बेस्ट डिजाइन अवॉर्ड
समापन समारोह में अजय शंकर एवं पी.एन. सूरी मेमोरियल अवार्ड फॉर बेस्ट डिजाइन डिस्प्ले 12 उत्पाद श्रेणियों—लैंप्स एवं लाइटिंग, होम फर्निशिंग, फैशन ज्वेलरी, डेकोरेटिव गिफ्ट्स, बाथरूम एक्सेसरीज, सस्टेनेबल प्रोडक्ट्स, फर्नीचर आदि—में प्रदान किए गए।
🎬 विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी
मेले का दौरा उत्तर प्रदेश फिल्म डेवलपमेंट काउंसिल के उपाध्यक्ष तरुण राठी और फिल्म निर्देशक-निर्माता अनिल शर्मा ने भी किया और प्रदर्शित हैंडीक्राफ्ट उत्पादों की सराहना की।
🔜 अब ऑटम 2026 पर नजर
आयोजकों ने बताया कि स्प्रिंग संस्करण की सफलता के बाद अब सभी की नजर अक्टूबर 2026 में प्रस्तावित आईएचजीएफ दिल्ली मेला–ऑटम संस्करण पर केंद्रित है।
(संपर्क: राजेश रावत, कार्यकारी निदेशक, ईपीसीएच | मो.: +91-9810423612)



