हाथरस, 18 फरवरी 2026 | डॉ. एम.एल. रावत
यूजीसी/एससी-एसटी एक्ट से जुड़े मुद्दों और 11 सूत्रीय मांगों को लेकर राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धवरिया का धरना प्रदर्शन आज 12वें दिन भी जारी रहा। धरने को विभिन्न संगठनों और बड़ी संख्या में समर्थकों का सहयोग मिलने का दावा किया गया।
बताया गया कि प्रस्तावित पांच दिवसीय पदयात्रा, जो 7 फरवरी 2026 को हाथरस के शहीद पार्क से दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री आवास कार्यालय तक शुरू होनी थी, उसे पुलिस प्रशासन ने रोक दिया। पुलिस द्वारा शहर में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग की गई। जैसे ही पंकज धवरिया निर्धारित समय पर पदयात्रा के लिए निकले, उन्हें रोक दिया गया, जिसके बाद समर्थकों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
स्थिति को देखते हुए पंकज धवरिया अपने आवास के सामने सड़क पर धरने पर बैठ गए। प्रशासन की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री और विश्वदीप अवस्थी सहित अधिकारियों की टीम मौके पर मौजूद रही। पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर पीएसी बल भी तैनात किया गया।
धरना स्थल पर विभिन्न जिलों और राज्यों से आए लोगों ने समर्थन जताया। हरियाणा से सत्यप्रकाश शर्मा अपने समर्थकों के साथ पहुंचे, वहीं ठाकुर धर्मवती देवी के नेतृत्व में महिला शक्ति भी धरने में शामिल हुई। अधिवक्ता एसोसिएशन के कैलाश शर्मा, एटा के जिला अध्यक्ष शैलेन्द्र मिश्रा, भारतीय किसान यूनियन से जुड़े पदाधिकारी तथा करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजशेखावत सहित कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी समर्थन व्यक्त किया।
धरने को संबोधित करते हुए पंकज धवरिया ने कहा कि जब तक भारत सरकार का कोई प्रतिनिधि उनकी मांगों पर आश्वासन नहीं देता, तब तक उनका शांतिपूर्ण धरना जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी शांतिपूर्ण पदयात्रा को रोकना न्यायसंगत नहीं है।
प्रशासन की ओर से शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी जारी है। वहीं आयोजकों ने धरना शांतिपूर्ण ढंग से जारी रखने की बात कही है।



