भ्रष्टाचार की कमाई से खड़ा किया अवैध साम्राज्य

लोकायुक्त एवं आयकर विभाग कार्यवाही का इंतज़ार
कई उल्लेखनीय उपलब्धियां के लिए चर्चित रहा उमरिया जिला इस समय भ्रष्टाचार एवं भ्रष्टाचारियों के लिए कुख्यात होता जा रहा है। जिले में ऐसे भ्रष्टाचारी अधिकारियों की पौ-बारह है जो अपने शासकीय सेवा काल के दौरान शासन को करोड़ों रुपए का चूना लगाकर अकूत धन संपदा का अवैध साम्राज्य खड़ा कर चुके है। ऐसा ही एक मामला उमरिया जिले के आदिवासी कल्याण विभाग में सेवारत रह चुके मोहम्मद अजीज सिद्दीकी का बताया जा रहा है जिनके ऊपर आरोप है की उमरिया एवं सीमावर्ती जिलों में पदस्थ रहते हुए उनके द्वारा कथित रूप से जमकर भ्रष्टाचार किया गया एवं अवैध संपत्ति का साम्राज्य खड़ा कर लिया गया है एवं जांच से बचने के लिए बड़ी चतुराई से अधिकतर बेशकीमती संपत्तियां अपनी पत्नियों एवं बच्चों के नाम से खरीदी गई है। जिसमे उमरिया शहर में बेशकीमती भूखंड, राष्ट्रीय राजमार्ग 43 की कीमती भूमि, नगरपालिका क्षेत्र में कई मकान तथा व्यावसायिक परिसर एवं दुकानें बनाई गई है।
पत्नी के नाम खरीदी राष्ट्रीय राजमार्ग की बेशकीमती भूमि
शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है कि उक्त व्यक्ति ने राष्ट्रीय राजमार्ग 43 की बेशकीमती भूमि को जांच से बचने के उद्देश्य से अपनी पत्नी किश्वर जहाँ के नाम से खरीदा एवं जब उक्त जमीनों के दाम आसमान छूने लगे तो उसी जमीन को महंगे दामों में बेच कर करोड़ों रुपयों का मुनाफा कमाया गया है। इसके अतिरिक्त अज़ीज़ सिद्दीकी ने अपने भांजे अब्दुल सलीम गुड्डा के साथ मिलकर हवाई पट्टी के पास स्थित व्यावसायिक भूखंड को करोड़ो रुपयों में विक्रय किया जाकर मोटा मुनाफा कमाया एवं आयकर विभाग की नज़र से चोरी-छिपे मुनाफा बचा लिया जाकर लाखों रुपयों के आयकर की चोरी की गई है।
भ्रष्टाचार की कमाई में पुत्रों को भी नही बख्शा
विश्वास सूत्रों से खबर है कि उक्त व्यक्ति मोहम्मद अजीज सिद्दीकी ने अपनी पत्नी के साथ-साथ अपने दोनों पुत्रों के नाम से भी कई अवैध संपत्तियों खरीद रखी हैं। हाल ही में कैम्प मोहल्ला नदी रोड में शासकीय भूमि में बना एक मकान भी अपने पुत्र के लिए खरीदा गया है। तथा नगरपालिका क्षेत्र अंतर्गत ज्वालामुखी कॉलोनी एवं कैम्प में डबल मंजिला भव्य मकान अपनी काली कमाई के दम पर खड़े कर लिए गए हैं। इसके अतिरिक्त ग्राम महरोई में एक स्वतंत्र भूखंड भी क्रय किया गया है। यही नही दोनों पुत्रों के नाम लाखों रुपयों के निवेश करके हार्डवेयर एवं जनरल स्टोर एवं बैग शोरूम आदि व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्थापित किये गए हैं। जिनमे लाखों रुपयों का माल भरा पड़ा है। भरौला स्थित एन एच् 43 में स्वयं की दुकानो में एवं पुराना बस स्टैंड में रोड साइड की दुकानों में भरा लाखों रुपयों का सामान कहाँ से आया? अब प्रश्न यह उठता है कि एक छोटी सरकार नौकरी के दम पर पैसों का इतना बड़ा साम्राज्य किस प्रकार खड़ा किया जा सकता है।
मामा-भांजा की जोड़ी द्वारा आयकर की चोरी भी सुर्खियों में
अज़ीज़ सिद्दीकी पर आरोप है कि उन्होंने अपने भांजे अब्दुल सलीम गुड्डा के साथ मिलकर राष्ट्रीय राजमार्ग की कीमती भूमि का सौदा करोड़ो रुपयों में किया जाकर मोटा मुनाफा कमाया गया है एवं उक्त रुपयों का हिसाब भी आयकर विभाग को न देकर लाखों रुपयों की कर चोरी की गई है।
लोकायुक्त एवं आयकर विभाग की कार्यवाही का इंतज़ार
उमरिया जिले में भ्रष्टाचार एवं करोड़ो रुपयों की काली कमाई करने वाले अज़ीज़ सिद्दीकी पर अब भी कार्यवाही का इंतज़ार है। सूत्रों ने पुष्टि की है कि मामला लोकायुक्त एवं आयकर विभाग रीवा एवं जबलपुर तक पहुँच गया है। जांच जारी है एवं जल्द कार्यवाही की जाएगी। जानकारी जुटाई जा रही है कि उक्त व्यक्ति अज़ीज़ सिद्दीकी किस जिले से सेवानिवृत्त हुआ है।
यक्ष प्रश्न यह है की जनता के टैक्स के पैसों में पलने वाले अज़ीज़ सिद्दीकी जैसे भ्रष्टाचारियों पर कार्यवाही होना अत्यावश्यक बन चुका है। जिससे शासकीय नियमों को धता बताते हुए खुलेआम भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों पर लगाम कसी जाय एवं कड़ी सजा देते हुए सलाखों के पीछे भेजा जा सके।

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