google-site-verification: google2b21991adbe5cec3.html

कलकत्ता से आए व्यापारियों से अवैध वसूलीनहीं काटी जा रही रसीद

नगर पालिका पर लाखों के वारा न्यारे के आरोप

उमरिया —जिला मुख्यालय में नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। बस स्टैंड और सब्जी मंडी परिसर में पिछले 15 दिनों से चल रहे कलकत्ता बाजार मेले में खुलेआम अवैध वसूली का खेल चल रहा है।

इस मेले में लगभग 300 दुकानें लगी हैं। व्यापारियों का आरोप है कि नगर पालिका उमरिया के दो कर्मचारी प्रतिदिन प्रत्येक दुकानदार से 200 से 300 रुपये तक की बैठकी वसूलते हैं, लेकिन बदले में नगर पालिका की कोई वैध रसीद नहीं दी जाती।

लाखों का हिसाब गायब:
यदि एक दिन का औसत 250 रुपये भी माना जाए तो 300 दुकानों से प्रतिदिन 75 हजार रुपये और 15 दिनों में 11 लाख रुपये से अधिक की वसूली बनती है। इतनी बड़ी राशि का कोई हिसाब-किताब नगर पालिका के रिकॉर्ड में नहीं है। इससे साफ है कि यह पैसा शासन के खजाने में जमा न होकर सीधे निजी जेब में जा रहा है।
होना यह चाहिए कि मेले में सभी व्यापारियों की पूरे एक माह की बैठकी की राशि एक मुश्त एडवांस में लेकर रसीद काटी जानी चाहिए।

सबसे बड़ा सवाल – जब जिला मुख्यालय में ही लूट, तो गांवों का क्या होगा?
गौर करने वाली बात यह है कि जब जिला मुख्यालय की नगर पालिका में ही इस तरह की वित्तीय अनियमितता और धांधली खुलेआम चल रही है, तो अन्य जगहों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। बिना रसीद के पैसा लेना सीधे-सीधे भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है।

बाहर से रोजगार के लिए आए गरीब व्यापारियों ने कलेक्टर उमरिया से मामले की निष्पक्ष जांच, वसूली गई राशि का ऑडिट और दोषी कर्मचारियों के साथ-साथ इसमें शामिल अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

इनका कहना है :- इस संबंध में नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी से जब इस मामले में चर्चा की गयी तो उनका कहना है की आफ लाइन रसीद नहीं दी जा रही है, फिर आन लाइन काटी जायेगी


Discover more from समाज जागरण

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

🛍️ Today’s Best Deals

(Advertisement)