वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो, किशनगंज।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत जिले की तीन लाख चार हजार से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में सहायता राशि अंतरण की गई। मेची सभागार, जिला परिषद किशनगंज में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य स्तरीय समारोह से जुड़कर इस अवसर को देखा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यभर के 25 लाख लाभार्थियों के खातों में लगभग 2,500 करोड़ रुपये की राशि भेजी। योजना के अंतर्गत प्रत्येक लाभार्थी को 10 हजार रुपये की प्रारंभिक सहायता दी जा रही है, जिससे वे किराना दुकान, मनिहारी, सब्जी बिक्री, सिलाई-कढ़ाई, चाय-नाश्ता स्टॉल, पशुपालन आदि क्षेत्रों में स्वरोजगार शुरू कर सकें।
जिला पदाधिकारी विशाल राज ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह योजना उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने लाभार्थियों से अपील की कि वे प्राप्त राशि का सदुपयोग कर अपने उद्यम को आगे बढ़ाएँ। उन्होंने यह भी बताया कि उद्यम की प्रगति के मूल्यांकन के बाद आगे अधिकतम दो लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता भी दी जाएगी।
जीविका की जिला परियोजना प्रबंधक अनुराधा चंद्रा ने बताया कि जिले की महिलाएँ इस योजना से जुड़कर तेजी से स्वरोजगार की ओर बढ़ रही हैं। बहादुरगंज प्रखंड के गांगी पंचायत की कुलसुम बेगम ने चूड़ी बिक्री का व्यवसाय शुरू कर नियमित आय अर्जित करनी शुरू कर दी है। वहीं किशनगंज सदर प्रखंड के बेलवा पंचायत की लाडली बेगम ने चाट-चाउमीन की दुकान खोलकर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत की है।
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार झा एवं नप मुख्य पार्षद इंद्रदेव पासवान भी उपस्थित रहे। उन्होंने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर महिलाएँ आत्मनिर्भर बनें और अपने परिवार की आय बढ़ाएँ। अधिकारियों ने कहा कि स्वरोजगार से न केवल आर्थिक स्थिति सुधरती है, बल्कि समाज में महिलाओं का सम्मान और आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
जिले के सभी सात प्रखंड मुख्यालयों, संकुल संघों एवं ग्राम संगठनों में कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया, जहाँ बड़ी संख्या में जीविका दीदियाँ एवं अन्य महिलाएँ प्रोजेक्टर, टेलीविजन और टैब के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़ीं।
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना ने यह सिद्ध किया है कि अवसर और संसाधन मिलने पर महिलाएँ आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर सकती हैं, जिससे परिवार और समाज दोनों सशक्त होते हैं।



