समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश
पटना/ जिले के बाढ़ अनुमंडल अंतर्गत बख्तियारपुर दियारा क्षेत्र में सोमवार की देर रात आसमानी बिजली ने कहर बरपाया। इस भीषण वज्रपात की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। मृतकों में दादा, पोता और चाचा शामिल हैं। घायलों का इलाज बख्तियारपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में चल रहा है, जहां उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के अबू महमदपुर गांव के समीप दियारा क्षेत्र की है, जहां रामानंद राय अपने परिजनों के साथ खेत में गेहूं की दमाही कर रहे थे। रात लगभग 11 बजे अचानक मौसम बदला और तेज गर्जना के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए सभी लोग खेत में खड़े ट्रैक्टर के नीचे बैठ गए। इसी दौरान आसमान से गिरी एक भीषण बिजली सीधे ट्रैक्टर पर आकर गिरी, जिससे तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य बुरी तरह झुलस गए। मृतकों की पहचान अबू महमदपुर निवासी रामानंद राय (60 वर्ष), उनके पोते सुबोध कुमार (35 वर्ष) और रितेश कुमार के रूप में की गई है। हादसे के तुरंत बाद परिवार और गांव में मातम पसर गया। परिजन मनीष कुमार ने बताया कि सभी लोग खेत में काम कर रहे थे और बारिश के कारण ट्रैक्टर के नीचे पनाह ली थी, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि कुदरत की ऐसी मार झेलनी पड़ेगी। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडलीय अस्पताल, बाढ़ भेज दिया गया है। पुलिस ने प्रारंभिक रिपोर्ट में वज्रपात से मौत की पुष्टि की है। वहीं प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अनुमंडल पदाधिकारी ने आश्वासन दिया है कि आपदा राहत कोष से मृतकों के परिजनों को अनुदान दिया जाएगा। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से वज्रपात जैसे प्राकृतिक हादसों से बचाव के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने की मांग की है। साथ ही खेतों में काम करने वाले मजदूरों को वज्रपात के समय बचाव के उपायों की जानकारी देने की अपील की है।बख्तियारपुर CHC के चिकित्सकों ने बताया कि झुलसे हुए चारों घायलों की हालत स्थिर है और उन्हें जरूरी प्राथमिक उपचार दिया गया है। जरूरत पड़ने पर उन्हें पटना रेफर किया जा सकता है। यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि किस तरह एक सामान्य दिन भी अचानक मौत का पैगाम लेकर आ सकता है। आसमान से गिरी यह बिजली न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ गई, बल्कि पूरे गांव को शोक में डुबो गई। प्रशासन और आम जनमानस को अब ऐसे हादसों से निपटने के लिए अधिक सजग और सतर्क होने की जरूरत है।
Discover more from समाज जागरण
Subscribe to get the latest posts sent to your email.



