बहन को पीटा था इसीलिए जीजा बाल गोविंद को उनके दोनों सालों ने कुल्हाड़ी से कट डाला, सचेंडी पुलिस ने किया घटना का 12 घंटे के अंदर सटीक खुलासा
सुनील बाजपेई
कानपुर। सचेंडी पुलिस की सक्रियता ने भौंती खेड़ा में हुए बाल गोविंद हत्याकांड का सटीक खुलासा कर दिया है। उसकी हत्या उसके ही दोनों सालों ने कुल्हाड़ी से काटकर की थी। उसके दोनों साले बहन की पिटाई किए जाने से अपने जीजा बाल गोविंद से बहुत नाराज थे और यही बात बाल गोविंद की हत्या की घटना को अंजाम देने की वजह बनी। जिसके बाद इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट की अगुवाई में सक्रिय हुई अतिरिक्त इंस्पेक्टर सत्येंद्र कुमार, सब इंस्पेक्टर राजवीर सिंह, बृजेश कुमार ,कांस्टेबल रोहित और शैलेश कुमार की तेज तर्रार टीम ने तेज तर्रार टीम ने मात्र 12 घंटे के अंदर ही दोनों हत्या करने वाले सालों को गिरफ्तार करते हुए इस हत्याकांड का सटीक खुलासा कर कर्तव्य के प्रति अपनी निष्ठा का प्रमाण दे दिया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए राजकुमार व संदीप रात लगभग1:00 बजे कुल्हाड़ी लेकर बाल गोविंद के घर पहुंचे और सोते समय उसके सिर पर कुल्हाड़ी मार दी बाल गोविंद उठकर बाहर भागा और चबूतरे पर गिर पड़ा। इसके बाद कई और वार किए। अत्यधिक खून बहने से उसकी मृत्यु हो गई। दोनों सालों राजकुमार और संदीप पर हत्या का यह मुकदमा बाल गोविंद के पिता रामसनेही की तहरीर पर दर्ज किया गया है।
यह भी अवगत कराते चलें कि बाल गोविंद हत्याकांड का सटीक खुलासा करने वाले इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट इसके पहले भी अपनी अब तक की पोस्टिंग वाले हर जनपद में पीड़ितों की हर संभव सहायता के साथ ही कानून और शांति व्यवस्था के पक्ष में अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के मामले में सदैव सफल रहे हैं और अब कर्तव्य के प्रति उनकी प्रगाढ़ निष्ठा कठोर परिश्रम के साथ पीड़ितों के हित में अपराधियों के खिलाफ सचेंडी में भी लगातार सक्रिय है।
बाल गोविंद हत्याकांड का सटीक खुलासा करने की संदर्भ में जहां तक प्रभारी निरीक्षक सचेंडी के रूप में तेजतर्रार, व्यवहार कुशल और जुझारू तेवरों वाले इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट की चुनौतीपूर्ण नियुक्ति का सवाल है , उसे उनकी कानून और शांति व्यवस्था के पक्ष में अपराधियों के खिलाफ और पीड़ितों के हित में अपने कर्तव्य का पालन सदैव निष्ठा और ईमानदारी के साथ करना ही माना जा रहा है। यही नहीं यूपी की पुलिस सेवा में आने के बाद निष्पक्ष और पारदर्शी कार्यशैली के कठोर परिश्रमी इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट के अब तक के कार्यकाल के विवेचन से यह भी साबित होता है कि हालात चाहे जैसे रहे हों लेकिन निर्दोष फंसे नहीं और अपराधी बचे नहीं जैसी लोकहित की प्रबल विचारधारा के अनुरूप अपनी धुन के भी पक्के इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट ने अपनी कर्तव्य के प्रति निष्ठा के साथ समझौता आज तक नहीं किया।
इसी के साथ उनकी कार्यशैली भी संभ्रांत असहाय लोगों की हितरक्षक और बहुत मैत्रीपूर्ण भी मानी जाती है ,जिसके अनुरूप ही भगवान और भाग्य यानी कर्म भरोसे रहने वाले इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट जहां उचित पात्र लोगों की हर संभव सहायता करते हैं। साथ ही वह कानून और शांति व्यवस्था के पक्ष में अपराधियों के खिलाफ शठे शाठ्यम समाचरेत वाली कहावत चरितार्थ करने से भी नहीं चूकते। यही वजह है कि सचेंडी के प्रभारी निरीक्षक इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट की कर्तव्य के प्रति उनकी प्रगाढ़ निष्ठा उनकी जुझारू नौकरी के अब तक के कार्यकाल में सभी संगीन घटनाओं का सटीक खुलासा करते हुए दर्जनों शातिरों को सबक सिखाने में भी सफल हो चुकी है। जिस क्रम में उन्होंने बाल गोविंद हत्याकांड का भी सटीक खुलासा किया है।
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