तरुण्य युवा कार्यक्रम से शिक्षा और नेतृत्व की नई मिसाल
संवाददाता अनिल कुमार अग्रहरी/ समाज जागरण
डाला/ सोनभद्र। जिले के एक दूरस्थ क्षेत्र चोपन ब्लाक के ग्राम पंचायत पड़रछ में युवाओं के नेतृत्व में स्थापित सामुदायिक लर्निंग सेंटर का उद्घाटन रविवार (14 दिसंबर) को स्थानीय जनप्रतिनिधि BDC जागेश्वर प्रसाद यादव द्वारा संपन्न हुआ। यह लर्निंग सेंटर जिले में संचालित “तरुण्य (Tarunya) युवा कार्यक्रम” के अंतर्गत युवाओं द्वारा स्वयं की गई एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसने न केवल शिक्षा के क्षेत्र में बल्कि सामुदायिक नेतृत्व और सामाजिक बदलाव की दिशा में एक नई उम्मीद जगाई है।
“तरुण्य” डाला-सोनभद्र स्थित उपक्रम एजुकेशनल फाउंडेशन द्वारा एक अनुभवात्मक युवा नेतृत्व कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य सोनभद्र जिले के युवाओं को आत्म-विकास, समस्या समाधान, नागरिक चेतना, डिजिटल साक्षरता और नेतृत्व जैसे आवश्यक जीवन कौशलों से सशक्त बनाना है। यह कार्यक्रम युवाओं को केवल सीखने तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उन्हें अपने समुदाय के लिए जिम्मेदार, संवेदनशील और सक्रिय चेंजमेकर के रूप में विकसित करने पर जोर देता है। कार्यक्रम का दीर्घकालिक लक्ष्य ऐसे युवा तैयार करना है जो अपने आसपास सकारात्मक रोल मॉडल बनें, समुदाय की आवाज़ को आगे बढ़ाएँ और सामाजिक व आर्थिक उन्नति की दिशा में पहल करें। बताते चलें कि उपक्रम एजुकेशनल फाउंडेशन वर्ष 2018 से जनपद के शिक्षा विभाग के साथ मिलकर भाषा व पुस्तकालय कार्यक्रम का संचालन कर रहा है।
तरुण्य कार्यक्रम की शुरुआत ग्राम पंचायत पड़रछ के प्राथमिक विद्यालयों में लर्निंग और रीडिंग कॉर्नर की स्थापना से हुई। इन रीडिंग कॉर्नरों के माध्यम से बच्चों में पढ़ने की रुचि बढ़ाने, स्कूलों में सीखने का आनंददायक माहौल बनाने और शिक्षा को कक्षा से बाहर समुदाय तक ले जाने का प्रयास किया गया। इसके साथ ही, दीवार पुस्तकालय जैसी पहल के माध्यम से गाँव की गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर किताबों को सहज रूप से उपलब्ध कराया गया, ताकि पढ़ना समुदाय की रोज़मर्रा की संस्कृति का हिस्सा बन सके।
इस पूरी प्रक्रिया में तरुण्य कार्यक्रम से जुड़े युवाओं की भूमिका निर्णायक रही। लगभग 20 युवाओं के एक सक्रिय कोहोर्ट ने न केवल इन पहलों का संचालन किया, बल्कि धीरे-धीरे नेतृत्व की जिम्मेदारी भी स्वयं संभालनी शुरू की। इन्हीं युवाओं की सामूहिक सोच और प्रयासों का परिणाम है कि आज ग्राम पंचायत पड़रछ के भालुकूदर में एक स्थायी सामुदायिक लर्निंग सेंटर अस्तित्व में आया है।
इस लर्निंग सेंटर की सबसे खास बात यह है कि इसका संचालन पूरी तरह युवाओं के नेतृत्व में हो रहा है। युवाओं ने स्वयं बच्चों की जरूरतों और स्थानीय संदर्भ को ध्यान में रखते हुए शिक्षण सामग्री तैयार किए हैं। इसके साथ ही, लर्निंग सेंटर के लिए युवाओं ने मिलकर अपना विज़न, मिशन, उद्देश्य और संचालन दिशानिर्देश भी बनाए हैं, जो उनकी सोच, जिम्मेदारी और नेतृत्व क्षमता को दर्शाते हैं। यह सेंटर केवल पढ़ने-पढ़ाने की जगह नहीं, बल्कि सीखने, संवाद और सामूहिक विकास का एक जीवंत मंच बनकर उभर रहा है।
लर्निंग सेंटर के उद्घाटन अवसर पर स्थानीय BDC जागेश्वर प्रसाद यादव एवं गणमान्य अतिथियों श्रीमती विमला देवी (पूर्व BDC) सिकंदर भारती, इंद्रदेव यादव, घनश्याम दास, मुकेश गुप्ता, बल्केश्वर गुप्ता की उपस्थिति ने युवाओं और समुदाय का मनोबल और बढ़ाया। उद्घाटन कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीण, युवा, बच्चे और समुदाय के अन्य सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए। यह कार्यक्रम प्रशासन, समुदाय और युवाओं के बीच बढ़ते विश्वास और सहयोग के प्रतीक के रूप में है। जनप्रतिनिधियों ने युवाओं की इस पहल की सराहना करते हुए इसे जिले के अन्य क्षेत्रों के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बताया।
यह पहल इस बात का सशक्त उदाहरण है कि जब युवाओं को सही मार्गदर्शन, अवसर और विश्वास मिलता है, तो वे नीचे से ऊपर बदलाव की मजबूत नींव रख सकते हैं। तरुण्य कार्यक्रम के माध्यम से यह लर्निंग सेंटर अब ग्राम पंचायत पड़रछ में सामुदायिक ज्ञान, युवा नेतृत्व और सामाजिक परिवर्तन का केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।
उपक्रम के तरुण्य युवा कार्यक्रम का यह प्रयास यह संदेश देता है कि सशक्त युवा ही सशक्त समाज की नींव होते हैं, और जब युवा नेतृत्व समुदाय के साथ मिलकर आगे बढ़ता है, तो परिवर्तन केवल संभव ही नहीं, बल्कि स्थायी भी होता है। तरुण्य युवा कार्यक्रम में शामिल युवा टोला भालुकूदर व सतद्वारी से हैं – अवधेश, दिनेश, सूरज, नीरज, साज़िद, चंदन, विक्रम, सुनैना, रूबी, पूनम, अनीता, रूमा, रीता ,रंजू हैं।



