भीषण गर्मी और लू का बढ़ता प्रकोप, प्रशासन अलर्ट

खानपान, जल शुद्धता और दिनचर्या में बदलाव जरूरी

वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज
7 अप्रैल।
जिले में तेजी से बढ़ता तापमान अब जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन गया है। भीषण गर्मी और लू के कारण हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और अन्य बीमारियों का जोखिम बढ़ गया है। विशेष रूप से बच्चे, बुजुर्ग और बीमार व्यक्ति अधिक प्रभावित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।


सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि वर्तमान में विभिन्न गतिविधियों के चलते लोगों की दिनचर्या व्यस्त है, ऐसे में समय प्रबंधन और सावधानी बेहद जरूरी है। उन्होंने दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने और पर्याप्त मात्रा में पानी व अन्य तरल पदार्थों के सेवन की सलाह दी।


गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. उर्मिला कुमारी ने बताया कि बारिश की कमी के कारण तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, डायरिया, त्वचा रोग और फूड प्वाइजनिंग के मामले बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिरदर्द, चक्कर, उल्टी और बेहोशी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।


स्वास्थ्य विभाग ने खानपान और जल शुद्धता पर विशेष ध्यान देने की अपील की है। लोगों से केवल शुद्ध पेयजल पीने और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से परहेज करने को कहा गया है। ताजा भोजन और नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी जैसे पेय पदार्थों को लाभकारी बताया गया है।


बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। उन्हें बिना आवश्यकता घर से बाहर न निकालें और बाहर जाने पर सिर व चेहरे को ढंककर रखें।


भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी सरकारी विद्यालयों के समय में बदलाव करते हुए सुबह 6:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक संचालन का निर्देश दिया है।


जिलाधिकारी विशाल राज ने लोगों से अपील की है कि वे गर्मी और लू को गंभीरता से लें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। उन्होंने कहा कि जागरूकता और सतर्कता ही इस भीषण गर्मी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

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