google-site-verification: google2b21991adbe5cec3.html

भारतीय मुक्केबाज जैस्मिन लांबोरिया ने वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में रचा इतिहास: श्री महंत

सिद्ध पीठ बाबा जहर गिरी आश्रम में श्री महंत डॉक्टर अशोक गिरी महाराज से जैस्मिन ने लिया आशीर्वाद

: सिद्ध पीठ बाबा जहर गिरी आश्रम में किया गया अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी जैस्मिन का सम्मान

दैनिक समाज जागरण, ( महेन्द्र जावला बहल )

भिवानी । अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ी जस्मिन लांबोरिया ने वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2025 में 57 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। ब्राजील की जुसीलेन सेक्वेरा रोमियो को 4:1 से हराकर उन्होंने यह बड़ी उपलब्धि अपने नाम की। स्वर्ण पदक जीतने के बाद जैस्मिन जब अपने गृह नगर भिवानी पहुंचीं, तो सिद्ध पीठ बाबा जहर गिरी आश्रम में जाकर आशीर्वाद लिया और अपनी इस ऐतिहासिक जीत को ईश्वर को समर्पित किया।

जैस्मिन बचपन से ही सिद्ध पीठ बाबा जहर गिरी आश्रम में गहरी आस्था रखती हैं और हर यहां दर्शन-पूजन करती रही हैं। स्वर्ण पदक जीतने के बाद वह अपने परिवार के साथ आश्रम पहुंचीं, जहां उन्होंने बाबा जहर गिरी जी की समाधि पर आस्था की धोक लगाई । इसके बाद बाबा शंकर गिरी जी की समाधि पर भी श्रद्धा अर्पित की।

आश्रम में पीठाधीश्वर श्री महंत डॉ. अशोक गिरी महाराज ने जैस्मिन का पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न देकर सम्मान किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा, “छोटी काशी भिवानी खेलों की नगरी है और जैस्मिन ने इस नगरी का गौरव पूरे विश्व में बढ़ाया है। आने वाले ओलंपिक खेलों में भी जैस्मिन देश को गोल्ड मेडल दिलाए, यही हम सभी की शुभकामनाएं और आशीर्वाद हैं।” श्री महंत डॉक्टर अशोक गिरी महाराज ने कहा कि जैस्मिन न केवल विश्व चैंपियन बनीं, बल्कि उन्होंने एक और कीर्तिमान स्थापित किया — वह भारतीय सेना की पहली महिला मुक्केबाज़ हैं जिन्होंने वर्ल्ड बॉक्सिंग में स्वर्ण पदक जीता है। आश्रम में जैस्मिन के आगमन पर भव्य स्वागत किया गया।

इस अवसर पर कई संत-महात्मा, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इनमें बाबा भगवान गिरी, बाबा कैलाश गिरी, बाबा दशरथ गिरी, बाबा कामाख्या गिरी, बाबा गणेश गिरी, बाबा अरुण गिरी डोली आला, बाबा महादेश गिरी, शिव भारती दक्ष गिरी, लेसू सेन, आचार्य बसंत वशिष्ठ, नवनीत ओला, संजय, सीटू हलवाई, शिक्षाविद मोहन दत्त, तथा जैस्मिन के माता-पिता और अन्य परिजन शामिल रहे।

जैस्मिन की यह जीत सिर्फ एक पदक नहीं है, बल्कि वह लाखों लड़कियों के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को हकीकत में बदलने की चाह रखती हैं। उनकी मेहनत, समर्पण और जज्बा यह बताता है कि कोई भी मुकाम दूर नहीं जब दिल में जुनून हो और राह में आशीर्वाद।

अब देश की नजरें आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलंपिक खेलों में जैस्मिन के प्रदर्शन पर टिकी हैं, जहां वह फिर से देश का नाम रोशन करने के लिए तैयार हैं।


Discover more from समाज जागरण

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

🛍️ Today’s Best Deals

(Advertisement)