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ऑनलाइन शॉपिंग में भरोसे पर चोट: अमेज़न से मंगाए 4500 के जूते, डिलीवरी में निकले पुराने और दूसरे ब्रांड के


ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ती निर्भरता के बीच एक बार फिर कस्टमर के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। देश की जानी-मानी ई-कॉमर्स कंपनी Amazon India (@amazonIN) से ऑर्डर किए गए लोटो (Lotto) ब्रांड के ₹4500 कीमत के नए जूते की जगह कस्टमर को यूज्ड, पुराने और किसी अन्य ब्रांड के जूते डिलीवर कर दिए गए।


पीड़ित कस्टमर के अनुसार, जब उन्होंने इस गड़बड़ी को लेकर अमेज़न कस्टमर केयर से संपर्क किया, तो उन्हें समस्या का समाधान देने के बजाय बार-बार नई तारीखें दी जाती रहीं। कई दिनों तक चले इस प्रोसेस के बाद अंत में कंपनी की ओर से यह कह दिया गया कि उनकी “इन्वेस्टिगेशन में कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई” और मामला बंद कर दिया गया।


सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कस्टमर ने साफ तौर पर बताया कि वे पूरी जानकारी, पैकेज की अनबॉक्सिंग की तस्वीरें और अन्य सबूत देने के लिए तैयार हैं, इसके बावजूद उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया। आरोप है कि अमेज़न के सुपरवाइज़र्स ने कस्टमर से बदतमीजी भरे लहजे में बात की और यहां तक कह दिया कि “जो करना है कर लीजिए”।


यह मामला न सिर्फ कस्टमर सर्विस की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है, बल्कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ते फ्रॉड और जवाबदेही की कमी को भी उजागर करता है। जैसे-जैसे लोग ऑफलाइन खरीदारी छोड़कर ऑनलाइन शॉपिंग पर ज्यादा निर्भर हो रहे हैं, वैसे-वैसे इस तरह की घटनाएं उपभोक्ताओं का भरोसा कमजोर कर रही हैं।
उपभोक्ता विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में कंपनियों को ट्रांसपेरेंट जांच, कस्टमर द्वारा दिए गए सबूतों को स्वीकार करना और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करना चाहिए। वरना बड़े ब्रांड्स पर से ग्राहकों का विश्वास उठने में देर नहीं लगेगी।


यह घटना एक चेतावनी है कि सिर्फ बड़े नाम होने से उपभोक्ता सुरक्षित नहीं हो जाता, और ऑनलाइन शॉपिंग में सतर्कता अब भी उतनी ही जरूरी है।


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