- स्थाई लोक अदालत के हस्तक्षेप पर बीमा कंपनी ने 15 लाख रूपये का चेक दिया
- एडीआर भवन में संचालित स्थाई लोक अदालत में हुआ सुलह समझौता
संवाददाता आदिवासी सुनील त्रिपाठी।
दैनिक समाज जागरण
सोनभद्र। राबर्ट्सगंज कचहरी परिसर स्थित एडीआर भवन में संचालित स्थाई लोक अदालत ने शुक्रवार को सुलह समझौता के आधार पर बीमा कंपनी से वादिनी टापू निवासी पुष्पा देवी और उनके परिवार के सदस्यों को 15 लाख रूपये की धनराशि का चेक दिलवाया। करीब एक वर्ष 9 माह बाद स्थायी लोक अदालत के हस्तक्षेप पर यह सफलता मिली।
बता दें कि जुगैल थाना क्षेत्र स्थित टापू निवासिनी वादी पुष्पा देवी ने 12 जुलाई 2023 को स्थायी लोक अदालत में मुकदमा दाखिल कर न्याय की गुहार लगाई थी। वादीनी का पति नागेंद्र 16 अक्तूबर 2022 को बाइक से शाम 5 बजे रेणु पुल के पास जा रहा था कि तभी दूसरी बाइक ने सामने से लापरवाही पूर्वक चलाते हुए धक्का मार दिया। इस दौरान उसके पति को गम्भीर चोट आई। जिन्हें एम्बुलेंस से सरकारी अस्पताल चोपन में भर्ती कराया गया, जहां से हालत गम्भीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां से भी डॉक्टरों ने ट्रामा सेंटर वाराणसी रेफर कर दिया जहां इलाज के दौरान 26 अक्तूबर 2022 को पति नागेंद्र की मौत हो गई। बाइक के बीमा की वैधता 30 मई 2023 तक थी। पहले बीमा कंपनी टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी वाराणसी ने सभी कागजात उपलब्ध कराने पर बीमा की धनराशि देने का आश्वाशन दिया, लेकिन बाद में देने से इनकार कर दिया। तब मजबूर होकर स्थायी लोक अदालत में मुकदमा दाखिल कर न्याय की गुहार पुष्पा देवी पत्नी स्वर्गीय नागेंद्र निवासिनी ग्राम टापू, थाना जुगैल, जिला सोनभद्र ने लगाई थी। स्थायी लोक अदालत के हस्तक्षेप के बाद बीमा कंपनी की तरफ से सुलह समझौता के आधार पर मामले का निस्तारण करते हुए वादीनी पुष्पा देवी जो मृतक नागेंद्र की पत्नी है को 7 लाख रुपये का चेक स्थाई लोक अदालत अध्यक्ष नरेंद्र बहादुर प्रसाद द्वारा दिया गया। इसके अलावा बेटा आदर्श को 6 लाख रुपये का चेक बतौर संरक्षिका पुष्पा देवी को वयस्क होने तक बैंक में रखने तथा पिता सुरेश व माता बसन्ती को एक-एक लाख रुपये का चेक दिया गया। इस प्रकार से कुल 15 लाख रुपये का चेक दिया गया।
स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष नरेंद्र बहादुर प्रसाद ने बताया कि स्थस्यी लोक अदालत में जनहित सेवाओं से संबंधित मामले जैसे बिजली, पानी, अस्पताल, परिवहन, बीमा, शिक्षा, डाक, नगर पालिका आदि के मुकदमें बगैर किसी कोर्ट फीस के देखे जाते हैं।
इस अवसर पर स्थाई लोक अदालत के सदस्य नीरज सिंह, आशीष मिश्रा, अधिवक्ता अमित वर्मा आदि लोग मौजूद रहे।
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