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ब्यौहारी व जयसिंहनगर, जैतपुर क्षेत्र को अवसर देना जरूरी

चुनावी हलचल शुरू, दावेदारों की जोर आजमाइश जोरों पर
दैनिक समाज जागरण

शहडोल। भाजपा संगठन चुनावों के तहत जिले में नगर मंडल अध्यक्षों के बाद जिलाध्यक्ष के चुनाव होने वाले है। जिसको लेकर दावेदारों की ओर से संगठन के पदाधिकारियों, जन प्रतिनिधियों व कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बैठाने मेल- मुलाकात, मान-मनोव्वल का दौर चल पड़ा है। राज्य तथा केंद्र में भाजपा की सत्ता होने की वजह से भाजपा का जिलाध्यक्ष पद तो बहुत ही खास माना जा रहा है। इस कारण दर्जनों दावेदार गोटियो बैठाने में जुटे हुए हैं। भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष पद को लेकर एक अनार सौ बीमार जैसी हालत है। तकरीबन तीन दर्जन दावेदारों का नाम हवा में तैर रहे हैं, लेकिन इसमें गंभीर दावेदारों की संख्या दहाई से नीचे है। हाल यह है कि, को हासिल करने सीचे अपना डिया कि इस पद को लगा रहे हैं। शहडोल से लेकर वाया भोपाल, दिल्ली तक लाबिंग हो रही है। सीधे तौर पर कहा जाए तो कई खेमों में बंटे भाजपाइयों के अंदर ही इस पद को लेकर शक्ति परीक्षण और दांवपेंच चल रहा है। जिला अध्यक्ष पद पर विराजित और पूजित होने के लिए जाति, संप्रदाय, संघ-संगठन समेत राजनीतिक गलियारे के आकाओं तक गणेश परिक्रमा जारी है।

योग्यता के बावजूद रहे उपेक्षित शहडोल जिले में बीते वर्षों में जितने भी भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष चुने गये, वह संभागीय मुख्यालय या कोयलांचल के रहे हैं। जयसिंहनगर और व्यौहारी, जैतपुर क्षेत्र के नेताओं को प्रतिनिधित्व करने का आज तक मौका नहीं मिला है। जबकि राजनीति के पंडित मानते हैं कि इस क्षेत्र के नेताओं में भी संगठन को मजबूत करने की काबिलियत है। देखा जा सकता है कि, चुनावों के दौरान वोट प्रतिशत जयसिंहनगर और ब्यौहारी क्षेत्र का ही अधिक रहा है। बावजूद इसके इतने वर्षों में संगठन ने कभी भी इसका फल इस क्षेत्र के नेताओं को नहीं दिया। उपेक्षित रहने के बावजूद यहां के नेताओं का मनोबल कभी कमजोर नहीं पड़ा।

दावेदारों की लंबी सूची

पार्टी आलाकमान के समक्ष भी एक बड़ी चुनौती है कि पार्टी में अंदर चल रही गुटबाजी को खत्म करने के लिए एक सर्वमान्य चेहरा बतौर जिला अध्यक्ष शहडोल को दे। जो सबको एक सूत्र में पिरोकर भाजपा की बुनियाद को पुख्ता कर सके। वर्तमान में संभागीय मुख्यालय एवं कोयलांचल से दर्जनों चेहरे आमने-सामने हैं। वहीं दूसरी ओर ब्यौहारी और जयसिंहनगर क्षेत्र के कई नेता इस पद के योग्य है, अरूण गौतम, सातिका तिवारी, व्यौहारी क्षेत्र से शत्रुघन पटेल के अलावा जैतपुर क्षेत्र से अशोक मिश्रा जिला अध्यक्ष पद के दावेदार माने जा रहे हैं।

बड़े बदलाव की उम्मीद

संगठन अगर इस बार ब्यौहारी , जयसिंहनगर या जैतपुर से जिलाध्यक्ष चुनता है तो, इन दोनों क्षेत्रों में सबसे अधिक प्रबल दावेदारों में जयसिंहनगर क्षेत्र से अरुण गौतम जो की पूर्व में विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक रह चुके हैं और भारतीय जनता पार्टी के विभिन्न पदों का दायित्व संभाल चुके हैं एवं ब्यौहारी क्षेत्र से पिछड़े वर्ग से शत्रुघ्न पटेल हैं। बीते वर्षों में उन्होंने संगठन को मजबूत करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जैतपुर क्षेत्र से अशोक मिश्रा जो कि वर्तमान में भाजपा के जिला उपाध्यक्ष हैं पूर्व एवं पूर्व में मंडल अध्यक्ष रह चुके हैं उन्होंने जनपद के चुनाव में एवं जिला पंचायत के चुनाव में अपने समर्थकों को चुनाव मैं विजय श्री दिलाया एवं भाजपा को मजबूत किया।

भारतीय जनता पार्टी के फैसले इतने गोपनीय और अविश्वसनीय होते हैं कि राजनीतिक विश्लेषक भी चकरा जाते हैं, मोदी-शाह युग की इस बीजेपी में कोई नहीं जानता है कि कौन पार्टी का नया अध्यक्ष बनने वाला है, अचानक किसी के पास फोन पहुंचेगा और कहा जाएगा कि आपको कार्यालय पहुंचना है। आप चाय पीने इस पते पर पहुंचिए, इसके बावजूद कई बार सूत्रों के आधार पर जो आंकलन किये जाते हैं। वह सही निकलते हैं। बीते वर्षों में जिला मुख्यालय और कोयलांचल से जिलाध्यक्ष पार्टी को मिले हैं, संभवतः इस बार संगठन बड़े उलट फेर के चक्कर में है, अगर ऐसा होता है तो, जयसिंहनगर ,ब्यौहारी क्षेत्र या जैतपुर से भाजपा जिलाध्यक्ष मिल सकता है।


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