दैनिक समाज जागरण 09.04.2026 चांद कुमार लायेक (ब्यूरो चीफ) पूर्वी सिंहभूम जमशेदपुर
जमशेदपुर के उपायुक्त कार्यालय में गुरुवार दोपहर उस समय अभूतपूर्व स्थिति बन गई जब सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के आक्रोशित लोगों ने करीब 10 दिन पहले हुए चापड़ हमले में घायल युवक के शव को कार्यालय के मुख्य गेट के अंदर सीढ़ियों के पास रखकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था को हिला दिया और मौके पर तनावपूर्ण माहौल बन गया।
मृतक की पहचान सनी के रूप में हुई है, जिसकी इलाज के दौरान टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में मौत हो गई। परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण सनी की जान गई। उनका कहना है कि इलाज के लिए टीएमएच द्वारा पांच लाख रुपये की मांग की गई थी, जिसमें से परिवार ने 50 हजार रुपये जमा भी किए थे, लेकिन पैसे के अभाव में समुचित इलाज नहीं किया गया।
प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित भीड़ ने पुलिस अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की भी की, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शनकारियों ने टीएमएच प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई और मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की।
बताया जाता है कि 31 मार्च की रात सीतारामडेरा के चंडी नगर स्थित सामुदायिक भवन के पास सनी और नंदू लोहार पर चापड़ और गोली से हमला किया गया था। दोनों को गंभीर हालत में टीएमएच में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान सनी की मौत हो गई, जबकि नंदू का इलाज जारी है।
इस मामले में नंदू लोहार के बयान पर सीतारामडेरा थाना में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
घटना की पृष्ठभूमि में पुराना विवाद सामने आया है। जानकारी के अनुसार, 28 मार्च को नंदू लोहार की बहन दुकान पर अंडा लेने गई थी, जहां करण सिंह नामक युवक द्वारा उसके साथ छेड़खानी की गई। इस पर नंदू की मां जब आरोपी के घर शिकायत करने गई, तो करण और उसके साथियों ने नंदू लोहार के साथ मारपीट की और उसकी गर्दन में रस्सी डालकर घसीटा। इसी रंजिश में बाद में सनी और नंदू पर जानलेवा हमला किया गया।
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि चंडी नगर क्षेत्र में वर्चस्व को लेकर पहले भी कई बार इन पक्षों के बीच झड़प हो चुकी है, जिससे इलाके में तनाव बना रहता है।
फिलहाल प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है और मामले की जांच जारी है। वहीं, परिजनों और स्थानीय लोगों का आक्रोश शांत नहीं हुआ है और वे न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं।



