नोएडा/14सितंबर/सेक्टर 41 स्थित आरोग्य सदनम में आयोजित स्वास्थ्य संगोष्ठी एवं निशुल्क चिकित्सा शिविर के उद्घाटन अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नवरत्न फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ अशोक श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में कहा की कोरोना
काल में स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में आयुर्वेद की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी आयुर्वेद की वैज्ञानिकता को शोध की कसौटी पर श्रेष्ठ मानकर उसकी प्रशंसा की थी। विशिष्ठ अतिथि के रूप में आमंत्रित वैद्य प्रीति राजपूत आयुर्वेद चिकित्साधिकारी गाजियाबाद ने अपनी विशेष सेवाएं प्रदान करते हुए कहा कि आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा इस प्राचीन चिकित्सा पद्धति को निरंतर ग्रामीण स्तर एवं शहरी क्षेत्रों में गोष्टी एवं चिकित्सा शिविर आयोजित कर जन जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उक्त चिकित्सा शिविर में विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में महर्षी आश्रम के पूर्व वरिष्ठ पदाधिकारी हरीश सचान, एल. एस सोम एवं सी. पी. शर्मा के साथ भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंडल अध्यक्ष कल्लू सिंह राजपूत, नोएडा विकास प्राधिकरण के पूर्व उप निदेशक उद्यान बुद्धा सिंह के अतिरिक्त राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ के चिकित्सक वैद्य शिवम् चंद्राकर, वैद्य दिव्या राणा, ने निःशुल्क नाड़ी निदान तथा चिकित्सा परामर्श कर औषधि प्रदान की
शिविर में आए अतिथियों को आभार व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय आदमी विद्यापीठ के वरिष्ट गुरु एवं चिकित्सक वैद्य अच्युत कुमार त्रिपाठी ने कहा कि आयुष मंत्रालय भारत सरकार ने 23 सितंबर को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस घोषित किया है जिसे पर्व के रूप में व्यापक रूप से निशुल्क चिकित्सा शिविर एवं स्वास्थ्य संगोष्ठी के माध्यम से मनाने का आह्वान किया है। आज सारा विश्व आयुर्वेद की ओर की लगाएं देख रहा है जिसे विश्व के विभिन्न देशों ने इसे अपने प्रदेश में मान्यता प्रदान की है। राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ की निदेशिका वैद्य वंदना सिरोहा ने देश के विभिन्न भू भागों में कार्यरत गुरुओं एवं चिकित्सकों को इस आयुर्वेद दिवस को भव्य एवं व्यापक रूप से मनाए जाने पर उन्हें बधाई दी है।



