-आगजनी मामले में समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी को भाई समेत सुनाई गई है 7 साल की सजा
सुनील बाजपेई
कानपुर। आज गुरुवार को हुई सुनवाईके दौरान समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। इसके लिए सरकार को दो हफ्ते का समय दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 8 अगस्त को होनी है।
अवगत कराते चलें कि कानपुर के जाजमऊ की डिफेंस कॉलोनी में नजीर फातिमा नाम की एक महिला का घर जलाए जाने के मामले में दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई गई है।
आगजनी के मामले में हुई 7 साल की इसी सजा के खिलाफ समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दायर की है।
उन्होंने अपनी इस याचिका में अंतिम फैसला आने तक सजा पर रोक लगाए जाने और जमानत पर रिहा किए जाने की भी मांग की है। इसी मामले में गुरुवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में जस्टिस राजीव मिश्रा की सिंगल बेंच ने सुनवाई की।
इरफान सोलंकी के अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय के मुताबिक, सजा के कारण विधायक इरफान सोलंकी की विधानसभा सदस्यता चली गई है। यदि सजा पर रोक की राहत मिलती है तो विधायकी वापस हो सकती है।
आजकल महाराजगंज जेल में बंद चल रहे आगजनी मामले में 7 साल की सजा पाने वाले इरफान सोलंकी सीसामऊ सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर विधायक चुने गए थे। सजा के बाद विधायकी छिन गई है। इसके खिलाफ उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर रखी है।
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