कवियों ने काव्य पाठ से बांधा समां
दिवाकर पाठक,हजारीबाग(कंडाबेर), झारखंड
वाराणसी में वैश्विक हिन्दी महासभा एवं अखिल भारतीय हिन्दी परिषद् के संयुक्त तत्वावधान में 10 जनवरी 2025 को पूर्वाह्न् -11-30 बजे से महामना मालवीय सभागार, काशी सेवा समिति, शाह नर्सिंग होम के ठीक सामने, रामकटोरा, वाराणसी, उत्तर प्रदेश में वैश्विक हिन्दी महासभा के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विजयानन्द के अध्यक्षता में अखिल भारतीय हिन्दी परिषद् के काशी प्रान्त अध्यक्ष प्रोफेसर हरिप्रसाद अधिकारी के प्रमुख संयोजन में अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी दिवस के अवसर पर आयोजित हुआ। जिसमें भारत वर्ष के विभिन्न क्षेत्रों से हिन्दी विधा से जुड़े प्रबुद्ध जन, लेखक, कवि, कलाकार, समाजसेवी सहभागी बनेंगे। काशी हिन्दी विद्यापीठ के संरक्षक डॉ. रामअवतार पाण्डेय एडवोकेट, श्री प्रकाश कुमार श्रीवास्तव गणेश के संरक्षण में कुलाधिपति कवि सुखमंगल सिंह मंगल एवं कुलसचिव कवि इन्द्रजीत तिवारी निर्भीक के संयोजन में हिन्दी की गरिमा को गौरवान्वित करने वाले लोगों को विशेष मानद/मानद सम्मान भेंट करके उनके कृतित्व एवं व्यक्तित्व को प्रोत्साहित किया गया।
उक्त आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिभावानों ने शिरकत की। सबों ने हिंदी की महता और राष्ट्र की एकता और अखंडता पर अपने विचार रखे।
विशेष अतिथि मिसेज इंडिया मधु यादव ने कहा की हम समय के अनुसार अपने को ढालें। अंग्रेजी पढ़े पर हिंदी की महता के साथ रहें। संस्कारों के साथ चलें,न की फैशन के दौर में अंगप्रदर्शन को बढ़ावा दें। संस्कारों को साथ लेकर ही जीवन को प्रबुद्ध बना सकते हैं,वरना! दूसरा कोई उपाय नहीं। इसलिए संस्कारवान बनें इसी में भलाई है। तभी जीवन ज्योति का अमर प्रताप पुंज प्रवाहित हो सकेगा। इसके साथ अन्य वक्ताओं ने भी अपने सुविचार रखे। साथ ही देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए कवियों जैसे: हजारीबाग झारखंड से दिवाकर पाठक,मुगलसराय से संजय शर्मा,कार्यकारी संयोजक इंद्रजीत निर्भीक,सिद्धनाथ शर्मा सिद्ध आदि कवियों और कवित्रियों ने अपने काव्य पाठ से सबों को लोटपोट कर दिया।
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