google-site-verification: google2b21991adbe5cec3.html

काशी राज काली मंदिर पर भारी अतिक्रमण कारी।

काशीराज काली मंदिर पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा।

समाज जागरण वाराणसी ब्यूरो

वाराणसी। एक तरफ योगी मोदी जी पुराने मंदिरों को संरक्षित करने की बात कर रहे है वहीं शहर के पुराने ऐतिहासिक मंदिर अतिक्रमण कारियों के खुराक बनते जा रहे है। वाराणसी गोदौलिया – चौक मार्ग पर लबे सड़क स्थित ऐतिहासिक काशी राज काली मंदिर है इसी मंदिर प्रांगण में गौतमेश्वर महादेव कभी मंदिर है पर अतिक्रमणकारी कब्जा जमाकर बैठ गए है। पूरा मंदिर परिसर में व्यावसायिक गतिविधियां चल रही है।गंगासड़क, पार्क, फुटपाथ ही नहीं शहर के ऐतिहासिक मंदिर पर भी जबरन अतिक्रमणकारियों ने वह भू माफियाओं ने कब्जा जमा रखा है।


वाराणसी गोदौलिया चौराहे से चंद कदम दूर महाराज बनारस द्वारा स्थापित ऐतिहासिक काशीराज काली मंदिर मंदिर के प्रवेश द्वार से लेकर अंदर मंदिर परिसर तक में अवैध कब्जा है। मंदिर के मुख्य द्वार पर होर्डिंग प्रचार बोर्ड लगाकर मंदिर की खूबसूरती नकाशी को ढक दिया गया बल्कि अंदर जाने वाले रास्ते पर कुर्सी – टेबल लगाकर अंदर मंदिर परिसर में अवैध तरीके से रेस्टोरेंट संचालित किया जा रहा है। तो वहीं कुछ लोग सुबह मंदिर परिसर में गाय बांध व गाय के गोबर रख मंदिर परिसर में गंदगी नरक मचार रखा है तो वही अवैध तरीके से यहां गाड़ियों की भी पार्किंग किया जा रहा है। न बोलने वाला कोई है और न देखने वाला।


जानकारी के लिए बताते चलें कि मंदिर अपने स्थापत्य कला में बेजोड़ है। इसमें कोई संदेह नहीं कि मंदिर हेरीटेज बनारस का हिस्सा है। इसी सड़क से रोजाना न जाने कितने प्रशासनिक आला अधिकारियों से लेकर मंत्रिओं की हूटर बजाती गाड़ियां इसी सड़क से होकर गुजरती है लेकिन किसी की नजर इस ओर नहीं जाती, जबकि मंदिर का मुख्य द्वार पर ही होडिंग और बैनर लगा उसे पाट दिया गया है। गौरतलब हो कि जी 20 की बैठकों को लेकर शहर को सजाने – संवारने का काम जोरों पर है। हाल ही में चितरंजन पार्क स्थित दुकानों को भी प्रशासन ने हटवा दिया है। ऐसे में शहर के ह्रदय स्थल गोदौलिया से चंद कदमों की दूरी पर स्थित काशी राज काली मंदिर व गौतमेश्वर महादेव मंदिर पर अवैध कब्जा गले से नहीं उतरता।


मंदिर में आने वाले दर्शनार्थियों और पर्यटकों को भी अतिक्रमण के चलते आने -जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सूत्रों के अनुसार मंदिर को देखने के लिए आने वाले पर्यटकों को भी अवैध तरीके से अतिक्रमण करने वाले ये कहकर भम्रीत करते हैं कि यहां कोई मंदिर है ही नहीं।
फिलहाल यहां भगवान अतिक्रमण के घेरे में है और भक्त परेशान। प्रशासन शहर को अतिक्रमण मुक्त कराने का रोड मैप तैयार कर उस पर अमल कर रहा है इसके बावजूद मंदिर पर अवैध अतिक्रमण जमाए बैठे अवैध कब्जेदारों का कहना है हम तो जैसे है वैसे ही रहेंगे।

  • दैनिक समाज जागरण PDF – 15 जून 2026 | ताज़ा समाचार विशेष अंक
    📍 दिल्ली–एनसीआर | 15 जून 2026। देशभर में लोकप्रिय और प्रतिष्ठित हिंदी दैनिक “दैनिक समाज जागरण” का आज का ई-पेपर (PDF संस्करण) अब ऑनलाइन उपलब्ध है। पाठक अब अपने मोबाइल, लैपटॉप या टैबलेट पर कहीं भी और कभी भी देश-दुनिया तथा अपने शहर की ताज़ा और महत्वपूर्ण खबरें आसानी से पढ़ सकते हैं। दैनिक समाज जागरण दिल्ली–एनसीआर से…
  • Digitek DWM-116 Wireless Mic: YouTubers और Content Creators के लिए दमदार ऑडियो रिकॉर्डिंग सॉल्यूशन
    YouTube, Reels और Podcast Recording के लिए लॉन्च हुआ शानदार Wireless Mic अगर आप YouTube वीडियो, Instagram Reels, Podcast, Interview या Vlogging करते हैं और प्रोफेशनल ऑडियो क्वालिटी चाहते हैं, तो Digitek DWM-116 Wireless Microphone आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। यह वायरलेस माइक्रोफोन सिस्टम शानदार साउंड क्वालिटी, लंबी बैटरी लाइफ और…
  • नोएडा सेक्टर-15A में नालियों के ऊपर बने वेंडिंग जोन का विरोध, स्वास्थ्य से खिलवाड़ का आरोप
    नोएडा। सेक्टर-15A स्थित अल्का सिनेमा के पास बने वेंडिंग जोन को लेकर स्थानीय निवासियों और रेहड़ी-पटरी संचालकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। क्षेत्र के निवासियों ने आरोप लगाया है कि वेंडिंग जोन में कई दुकानें गंदी नालियों और फुटपाथ के ऊपर संचालित हो रही हैं, जिससे न केवल अतिक्रमण की समस्या पैदा…
  • एस. ई. के. एम. सी. इंटक श्रमिक संघ का सम्मेलन संपन्न
    प्रीतम पाठक की महामंत्री पद पर दोबारा ताजपोशी से छायी खुशियाँ उमरिया — भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन इंटक संबद्ध साउथ ईस्टर्न कोयला मजदूर, कांग्रेस का त्रिवार्षिक सम्मेलन कोरबा क्षेत्र में आयोजित किया गया।इस सम्मेलन का मुख्य उदेश्य केंद्रीय इकाई के पदाधिकारियों के चुनाव से जुडा रहा। जिसमें केन्द्रीय इकाई के अध्यक्ष पद पर गोपाल नारायण…
  • शुभ कर्मों का फल है मानव जीवन-विधानिधि आर्य
    समाज जागरणगोड्डा र्मेहरमा ईश्वर,जीव और प्रकृति तीनों अनादी सत्ता है। मूल प्रकृति से संसार की रचना हुई है। इसमें रजो,तमो और सतो गुण समाया हुआ है। जीवात्मा का नाश नहीं होता है, कर्मों के अनुसार वह शरीर धारण करता है। यह बातें आर्य समाज के वैदिक पुरोहित विद्यानिधि आर्य ने रविवार आर्य समाज मंदिर चपरी…
🛍️ Today’s Best Deals

(Advertisement)