कटनी: पटरी पर मिली युवक की लाश पर न्याय की मांग, परिजनों ने किया 3 घंटे चक्का जाम

​निष्पक्ष जांच और बड़वारा थाना प्रभारी के निलंबन की मांग को लेकर कटनी-शहडोल मुख्य मार्ग रहा बाधित।

​कटनी: कटनी जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने सोमवार को बड़ा मोड़ ले लिया। मृतक के परिजनों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने न्याय की मांग को लेकर कटनी-शहडोल मार्ग के बड़वारा नगर में करीब तीन घंटे तक चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी बड़वारा थाना प्रभारी को निलंबित करने और मृतक को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले आरोपियों के खिलाफ तत्काल निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
​संदिग्ध परिस्थितियों में मिली थी लाश
​ दरसअल बड़वारा थाना क्षेत्र के खरहटा निवासी शानि बर्मन पिता गोरे लाल बर्मन 23 वर्षीय की लाश 21-22 अक्टूबर की रात बिलायत रेलवे के झारेला के पास लाइन पर संदिग्ध अवस्था में मिली थी। शुरू से ही, परिजनों ने शानि की मौत को सामान्य आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए, हत्या या आत्महत्या के लिए उकसाने का संदेह व्यक्त किया था। ​
​सोमवार को मृतक के परिजन और खरहटा के बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट हुए और न्याय न मिलने के विरोध में बड़वारा नगर में कटनी-शहडोल मार्ग को पूरी तरह अवरुद्ध कर सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।
​मृतक के पिता, गोरेलाल बर्मन, ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि घटना की तारीख को उनके बेटे शानि के साथ गांव के ही कुछ व्यक्तियों ने मारपीट की थी, जिसके बाद उसने कथित तौर पर यह घातक कदम उठाया। ​गोरेलाल बर्मन ने गांव के सात व्यक्तियों पर आरोप लगाया है, जिनमें रामदीन बर्मन, भगवान दास बर्मन, धन्नू शाहू, अर्जुन बर्मन, शम्भू बर्मन, और सुदामा बर्मन शामिल हैं।
शानि के शरीर पर कहीं भी खरोंच के निशान नहीं थे, केवल शरीर से धड़ अलग था। घटना के बाद उसके मोबाइल फोन से सारे साक्ष्य हटा दिए गए थे।
घटना से ​संबंधित युवती ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था जिसमें उसने स्वयं स्वीकार किया था कि मेरे घर वालों के कारण शानि बर्मन की मौत हुई है।
​ये सभी तथ्य घटना को संदिग्ध बना रहे हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।

​परिजनों का स्पष्ट कहना है कि वे घटना के बाद से लगातार बड़वारा थाना जाकर मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन बड़वारा थाना प्रभारी के.के. पटेल ने आज तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की। इसी लापरवाही के कारण ग्रामीणों को मजबूर होकर विरोध प्रदर्शन के लिए सड़क पर उतरना पड़ा। प्रदर्शनकारियों मामले की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ बड़वारा थाना प्रभारी के.के. पटेल को तत्काल निलंबित करने की भी की है। ​करीब 3 घंटे से चल रहे विरोध प्रदर्शन को खत्म करने के लिए, एसडीओपी उषा बर्मन मौके पर पहुंचीं। उनके समझाइश और निष्पक्ष कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिजनों ने प्रदर्शन समाप्त किया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे राघवेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस अधिकारियों ने 10 दिन के भीतर मामले पर उच्च स्तरीय जांच करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि अगर निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं की गई, तो हजारों की संख्या में लोग एसपी कार्यालय का घेराव करेंगे।

​इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार डेहरिया ने मीडिया को बताया कि, “मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। घटना के हर बिंदु पर बारीकी से जांच की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उस आधार पर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

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