कटनी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में कटनी में आयोजित एक भव्य खनिज कॉन्क्लेव के दौरान उस समय तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कथित ₹2000 करोड़ के खनन घोटाले से संबंधित दस्तावेज़ मुख्यमंत्री को सौंपने का प्रयास किया। इस घटना के बाद, पुलिस ने युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अंशु मिश्रा समेत 50 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए व्यापारियों और निवेशकों के साथ खनिज क्षेत्र से संबंधित एक महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेने पहुंचे थे। इस कॉन्क्लेव से पहले, युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अंशु मिश्रा ने कलेक्टर को एक पत्र सौंपा था। इस पत्र में उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलने और कटनी में हुए इस कथित बड़े घोटाले से जुड़े दस्तावेज़ों को उन्हें सौंपने की इच्छा जताई थी।

दिव्यांशु (अंशु) मिश्रा का दावा था कि उनके पास इस ₹2000 करोड़ के घोटाले के पुख्ता सबूत हैं, जिनमें सरकारी अधिकारियों और कुछ प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता के प्रमाण शामिल हैं। वे चाहते थे कि मुख्यमंत्री स्वयं इन दस्तावेज़ों को देखें और मामले में कार्रवाई करें।
पुलिस ने इन कार्यकर्ताओं को कॉन्क्लेव स्थल से दूर, उनके कार्यालय से ही हिरासत में ले लिया। युवा कांग्रेस के 50 से अधिक कार्यकर्ताओं और अंशु मिश्रा को एन.के.जे. थाने में करीब सात घंटों तक हिरासत में रखा गया। इन कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यक्रम से वापस लौटने के बाद ही रिहा किया गया।
रिहा होने के बाद, दिव्यांशु (अंशु) मिश्रा ने बताया कि उनके पास विजयराघवगढ़ विधानसभा के विधायक संजय पाठक के परिवार की कंपनी से संबंधित कई अहम दस्तावेज़ हैं, जिनमें लगभग ₹2000 करोड़ के लेन-देन का लेखा-जोखा है। मिश्रा ने कहा कि इस राशि को कंपनी से वसूल कर प्रदेश के विकास कार्यों में लगाया जा सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पास रेत खनन से जुड़े एक पेनड्राइव में भी ऐसे कई प्रमाण हैं, जो एक बड़े घोटाले को उजागर कर सकते हैं। मिश्रा का कहा कि वे जल्द ही अपने विधायक दल के माध्यम से मुख्यमंत्री से मिलेंगे और इन सभी तथ्यों को उनके समक्ष रखकर कार्रवाई की मांग करेंगे।
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