वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
17 दिसंबर। देश, राज्य और नगर परिषद क्षेत्र में स्वच्छता और इसको लेकर जागरुकता पर अकूत रुपये खर्च किए जा रहे हैं। आम लोगों के साथ-साथ पदाधिकारी व जनप्रतिनिधि स्वच्छता के पाठ का संकल्प ले रहे हैं। लेकिन परिणाम रंगा सियार वाली है। 36लाख रुपये से अधिक का बजट स्वच्छता पर है। वहीं गंदगी बयां कर रही है कि सफाई कागज में लिखा-पढ़ी तक है।इसकी गवाही कैमरा दे रहा है।
नगर परिषद् निवासी पंकज जैन एवं दुकानदारों की माने तो लाखों रुपये साफ सफाई पर खर्च किया जा रहा है लेकिन गंदगी कभी भी साफ ही नहीं हो रही है। ऐसी स्थिति देखकर लगता है कि सफाईकर्मी गंदगी वाली गली में नहीं जाते। जिला परिषद का मार्केट इसकी एक बानगी है
लोगों ने कहा -इतना ही नहीं अपने घर के कचरे को वार्ड के लिए निर्धारित कचरा बॉक्स में गिराने के लिए जागरूकता अभियान के बावजूद न तो शहर के लोगों ने इसपर अमल किया और ना ही पदाधिकारियों ने ही शहर को स्वच्छ रखने की दिशा में कोई सार्थक प्रयास किया, जिसके कारण नगर परिषद क्षेत्र के अधिकांश भागों में गन्दगी का अंबार लगा रहता है।
इन दिनों नगर परिषद क्षेत्र अधीन जिला परिषद मार्केट, बस स्टैंड, मोती बाग सहित अन्य क्षेत्रों में कूड़े का अंबार लगा हुआ है। इसे देखने वाला कोई नही है।
फिलहाल,शहर में कचरे का अंबार लगा रहा तो गंभीर रोगों का सामना करने में अस्पताल कम पड़ जाएंगे।
ज्ञात है कि शहरवासी साफ-सफाई के अलावा बिजली ,पानी ,सड़क आदि के लिए विभिन्न प्रकार के टेक्स भी दे रहे हैं। बावजूद इसके नगरवासियों को स्वच्छ पेयजल , बिजली के साथ अन्य सुविधा के लिए नगर परिषद की ओर आश भरी निगाहों से देखने के लिए विवश होना पड़ता है।
नगर प्रशासन की उदासीनता इसके लिए ज़िम्मेवार है। उल्लेखनीय है नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी प्रवीण कुमार से इस संबंध में फोन करने पर रिसीव नहीं किया।
Discover more from समाज जागरण
Subscribe to get the latest posts sent to your email.



