*विशेष संवाददाता विनय प्रकाश मिश्रा।*
*कानपुर भीतरगाँव।* उत्तर प्रदेश में सरकार के द्वारा अस्थाई गौशालाओं का निर्माण कराया गया था जिसमें आवारा गौवंशों को रखा गया था जिनकी देखरेख के लिए केयरटेकर के साथ-साथ सचिव व प्रधान को भी जिम्मेदारी दी गयी थी, शासन द्वारा प्रत्येक गोवंश को ₹50 प्रतिदिन चारे के लिए दिए जाते हैं परन्तु भीतरगांव विकासखंड की अधिकतर गौशालाओं की स्थिति अत्यधिक दयनीय एवं दुखद है। चारे के नाम पर गायों व अन्य गौ वंशों को सूखा भूसा खिलाया जाता है, बीमार जानवरों का समय से इलाज ना हो पाने के कारण वह तड़प तड़प कर मौत के आगोश में चले जाते हैं, सरकार से मिलने वाले धन को गौवंश के पालन पोषण में ना लगा करके खुद ही गबन कर लिया जाता है, आपको बता दें कि भीतरगांव ब्लॉक के अरंज राम, जसरा, बेहटा गंभीरपुर, रावतपुर आदि गौशालाओं में गाएं भूख से कमजोर हो रही हैं व बीमार होकर मर रही हैं, न तो उनको समय पर इलाज मिल पाता है न ही उनका अच्छी तरह ख्याल रखा जाता है, जसरा व रावतपुर गौशाला में तो गाय के शव को कुत्ते नोंचते मिले, इस मामले में उपजिलाधिकारी नर्वल से बात करने पर उन्होंनें बताया यह बहुत ही गंभीर विषय है जाँच कर आवश्यक कार्यवाही कि जाएगी व दोषियों को नहीं बक्शा जाएगा |

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