ग्रामीणों ने किया जनांदोलन
आर एस पांडे
चंदिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार उमरिया जिले के खैरभार रेत खदान से अवैध रूप से हो रहे रेत के उत्खनन एवम परिवहन से नाराज़ ग्रामीण लामबंद है,और देर तक गांव में विरोध प्रदर्शन किये है।इस दौरान खनिज,राजस्व एवम पुलिस महकमा भी मौके पर पहुंचा था।अभी हाल के दिनों में स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से भी अवैध रूप से रेत निकासी को लेकर शिकायत की थी।इस पूरे मामले में मौके पर मौजूद भाजपा नेता रामनारायण पयासी ने बताया कि खैरभार खदान के आसपास 5 किमी के अंतराल में अवैध रूप से रेत निकासी की गई है,जो पूर्णतः अवैध है,साथ ही खनिज संपदा का अवैध दोहन कर रहे ये खनिज माफियाओं के गुर्गे गांव में असलहा आदि हथियार रखकर आतंक फैलाये है,जिससे ग्रामीणों में जमकर दहशत है।इसके अलावा खैरभार से अवैध रेत उत्खनन कर जबलपुर एवम कटनी की फर्जी टीपी भी दी जा रही है।उन्होंने यह भी कहा कि अवैध रूप से रेत निकासी कर रहे खनिज माफिया स्थानीय स्तर पर 5 से 6 हजार रुपये ट्राली रेत दे रहे है,जो पूरी तरह गैर कानूनी है।इन्ही मामलों को लेकर ग्रामीण जन आंदोलन किये थे,अब इस पूरे मामले को लेकर कलेक्टर के सम्मुख रखा जाएगा,और विधिसंगत कार्यवाही की बात कही जायगी।इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों के अलावा भाजपा के शीर्ष नेता मौजूद रहे।सवाल इस बात का है कि खैरभार रेत खदान से जब खनिज माफिया इतनी बड़ी मात्रा में अवैध रेत निकासी कर लिया है तो इस बीच जिम्मेदार खनिज विभाग क्या कर रहा था,क्या उसे नही पता था कि जिला मुख्यालय से महज 25 से 30 किमी की दूरी पर रेत का इतना बड़ा खेल चल रहा है। विदित हो कि अवैध रेत निकासी मामले में खैरभार रेत खदान में पहले भी दो पक्षों में खून खराबा हुआ था,जिसमे गोली लगने से एक युवक की मौत भी हुई थी।कुल मिलाकर खैरभार रेत खदान में अवैध रेत निकासी के अलावा गुर्गों के रूप में बाहरी तत्वों का ग्रामीणों के बीच आतंक का पर्याय बनना गम्भीर विषय है,खास तौर से असलहों और हथियारों के साथ बेख़ौफ़ अवैध रेत उत्खनन एवम परिवहन करना गम्भीर चिंता का विषय है।
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