लखनऊ। पुलिस मुख्यालय में आज भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 77 RR (2023–24 बैच) के 23 प्रशिक्षु अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण से शिष्टाचार भेंट की।
इस दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों ने प्रशासनिक व्यवस्था, कानून-व्यवस्था प्रबंधन, नेतृत्व क्षमता, पुलिस प्रणाली और फील्ड में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों से जुड़े प्रश्न पूछे।

डीजीपी ने दिया मार्गदर्शन
पुलिस महानिदेशक ने अधिकारियों के सभी सवालों का विस्तार से उत्तर दिया और अपने अनुभव साझा करते हुए कहा—
“पुलिसिंग मानव संबंधों का सर्वोच्च और सबसे निर्मल स्वरूप है। प्रत्येक पुलिस अधिकारी के कार्य और संवाद में मानवीय दृष्टिकोण और संवेदनशीलता होनी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि बदलते समय में पुलिसिंग केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज का भरोसा, व्यवस्था, सुशासन और नैतिकता बनाए रखना भी पुलिस की अहम जिम्मेदारी है।
डीजीपी ने दिए प्रेरक मंत्र
डीजीपी राजीव कृष्ण ने प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों से कहा कि वे अपने करियर में—
✔ आत्मविश्वास
✔ पारदर्शिता
✔ ईमानदारी
✔ संवेदनशीलता
✔ अनुशासन
✔ और सशक्त नेतृत्व
को हमेशा प्राथमिकता दें।
उन्होंने भावी पुलिस अधिकारियों को कर्तव्यनिष्ठा और उच्च पुलिस आदर्शों के साथ सेवा करने की प्रेरणा दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।
युवा नेतृत्व — मजबूत भविष्य
यह मुलाकात न सिर्फ औपचारिक शिष्टाचार थी, बल्कि भविष्य के पुलिस नेतृत्व के लिए एक प्रेरणात्मक संवाद भी साबित हुई।
📌 यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश में आधुनिक, सशक्त और संवेदनशील पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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