कटनी। अंतर्राष्ट्रीय क्रांतिकारी राष्ट्रभक्त परम तपस्वी संत त्यागीजी महाराज के शंखनाद के साथ महाकुंभ 2025 का आगाज हुआ है। गंगा मैया की पावन गोद में एक अलग ही सत्य, प्रेम, सद्भाव और समर्पण की दुनिया बस गई है। जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी की सबसे बड़ी पेशवाई संपन्न होने के साथ ही कुंभ में श्रद्धालुओं का तांता लग गया है।
संत त्यागीजी महाराज ने बताया कि गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की गूंज से प्रयाग की धरा आनंदित हो गई है। सम्पूर्ण भारत के विभिन्न राज्यों से पहुंचे सच्चे गौ भक्त कुंभ में लगेगी धर्म संसद में महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। विश्व के करोड़ों लोग ज्ञान गंगा में डुबकी लगाने के लिए कुंभ में पहुंच रहे हैं।
कर्मयोगी प्रकृति पुत्र संत त्यागीजी महाराज ने विश्व से आए सभी देशभक्तों से आग्रह किया है कि मां गंगा के पूजन में स्वच्छता की पवित्रा की जिम्मेदारी स्वयं लें। प्लास्टिक का उपयोग कम से कम करें और पाने से अधिक बांटने का प्रयास करें। अनुचित दामों पर छोटे दुकानदारों से अधिक खरीदी कर अप्रत्यक्ष रूप से पुण्य अर्जन करें और आस्था को मजबूत करें।
संत त्यागीजी ने कहा कि मन, वचन और कर्म से एक होकर गंगा मैया को अपनी सच्ची मां मानकर पवित्र ऊर्जा को समृद्ध करें। प्रयाग पहुंचने वाले श्रद्धालु जन देशी गौ माता की सभी प्रजाति के चित्रों के दर्शन कर लाभान्वित हो रहे हैं।
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