
छत्तीसगढ़ प्रदेश में कार्यरत किसान मित्रों ने समस्याओं एवं मांगों को लेकर विधायक डॉ. कृष्णमूर्ति बाँधी से मुलाकात की।
छत्तीसगढ़ में कार्यरत किसान मित्रों को छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों में मानदेय अप्रैल 2020 से जनवरी 2022 तक बकाया है
समाज जागरण जिला संवाददाता विवेक देशमुख
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश में कार्यरत किसान मित्रों ने समस्याओं एवं मांगों को लेकर विधायक डॉ कृष्णमूर्ति बाँधी से मुलाकात की। किसान मित्रों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में कार्यरत किसान मित्रों को छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों में मानदेय फरवरी 2021 से जनवरी 2022 तक बकाया है, रायपुर सहित कुछ जिलों में एक वर्ष का मानदेय बकाया है।
भारत सरकार द्वारा राशि भेजा जा रहा है, तो अन्य जिला में मानदेय लगभग दो वर्षों से लंबित है। किसान मित्रों ने कहा कि सभी जिलों में मानदेय एक साथ डाला जाता तो समस्या नहीं होती। इस समस्या के जल्द निराकरण कराने की मांग की गई। किसान मित्र संघ ने एक्सटेंशन रिफार्म आत्मा योजना अंतर्गत कृषक कार्यरत कृषक मित्रों के संबंध विचार करने के संबंध में जानकारी दी।
जिसमें किसान मित्रों ने बताया कि आत्मा योजना अंतर्गत वर्ष 2011-12 से कृषि प्रधान प्रदेशों के तहत पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में लगभग 9000 किसान मित्र चयनित होकर कार्य कर रहे हैं, कृषि योजना को सुदृढ़ बनाने ग्रामों में कृषि एवं सहयोगी विभाग के द्वारा सहयोग प्रदान की जा रही है। विगत कई वर्षों से किसान मित्र कृषि प्रचार एवं किसानों के बीच एक कड़ी के रूप में कार्य कर रहे हैं।
शासन द्वारा संचालित कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्ना योजनाओं की जानकारी किसानों तक उपलब्ध कराने का कार्य सिर्फ कृषक मित्रों के द्वारा की जा रही है, किंतु किसान मित्रों का प्रति माह का मानदेय 1000 रुपये है, जो कि बहुत कम है। इसके साथ-साथ किसान मित्रों ने अपनी अन्य समस्याएं विधायक के समक्ष रखी जिनमें लंबित मानदेय भुगतान शीघ्र कराने, 2011-12 से कार्यरत किसान मित्रों को यथावत रखनें, किसान मित्र चयन संबंधी एजेंडा को ग्रामसभा में ना भेजकर ग्रामीण कृषि विकास अधिकारी के माध्यम से रिक्त पदों की पूर्ति करने, किसान मित्रों को कलेक्टर दर पर मानदेय प्रदान करने एवं किसान मित्रों को बार-बार ग्राम सभा का अनुमोदन ना मांगने इसके संबंध में अपनी समस्याएं हैं। इस विषय पर विधायक व उपनेता प्रतिपक्ष छत्तीसगढ़ विधानसभा डॉ बाँधी ने किसान मित्रों को उनके समस्याओं के निराकरण करने का आश्वासन दिया। साथ ही तत्काल कृषि विभाग के अधिकारियों को उनकी समस्याओं को जल्द निराकृत करने के निर्देश दिए।