चोपन में 170 जोड़ों का सामूहिक विवाह, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में प्रति जोड़ा 1 लाख रुपये खर्च

विजय कुमार अग्रहरी, ब्यूरो चीफ सोनभद्र/ समाज जागरण

सोनभद्र। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शुक्रवार को चोपन ब्लॉक के रेलवे मैदान में सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान मुस्लिम जोड़ों सहित कुल 170 दूल्हा-दुल्हन पूरे रीति-रिवाज के साथ परिणय सूत्र में बंधे। सुबह से ही वर-वधू और उनके परिवार के सदस्य शादी मंडप में पहुंचने लगे थे।
शासन ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत कुल 188 जोड़ों की शादी का लक्ष्य निर्धारित किया था। हालांकि, अपात्र पाए जाने के कारण कुछ जोड़ों को निराशा हाथ लगी। इस योजना के तहत प्रति जोड़े पर खर्च की जाने वाली धनराशि बढ़ाकर अब एक लाख रुपये कर दी गई है। जिला प्रशासन के निर्देश पर समाज कल्याण विभाग ने इस लक्ष्य को सभी ब्लॉक और नगरीय निकायों में आवंटित किया है। शासनादेश के अनुसार, प्रति जोड़े पर 1,00,000 रुपये खर्च करने का प्रावधान है। इसमें से 60,000 रुपये की सहायता राशि कन्या के दाम्पत्य जीवन में खुशहाली और गृहस्थी स्थापित करने के लिए सीधे उसके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाती है। इसके अतिरिक्त, कन्या को वैवाहिक उपहार सामग्री के लिए 25,000 रुपये खर्च किए जाते हैं। शेष 15,000 रुपये प्रति जोड़े पर कार्यक्रम के आयोजन, जैसे भोजन, पंडाल, फर्नीचर, पेयजल, विद्युत/प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर व्यय किए जाते हैं। इस योजना के लिए आवेदन की कुछ निर्धारित पात्रता शर्तें हैं। कन्या के अभिभावक उत्तर प्रदेश के मूल निवासी होने चाहिए। कन्या या उसके परिवार की वार्षिक आय 3.00 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। विवाह की तिथि पर कन्या की आयु 18 वर्ष और वर की आयु 21 वर्ष पूरी हो चुकी हो। आयु की पुष्टि के लिए विद्यालय का शैक्षिक रिकॉर्ड, जन्म प्रमाण पत्र, मतदाता पहचान पत्र, मनरेगा जॉब कार्ड या आधार कार्ड मान्य होंगे। आवेदन के लिए कन्या का बैंक खाता और कन्या व वर के पासपोर्ट साइज फोटो आवश्यक हैं। इस योजना में निर्धन परिवार की अविवाहित कन्याओं के विवाह के साथ-साथ विधवा, परित्यक्ता या कानूनी रूप से तलाकशुदा महिलाओं का पुनर्विवाह भी शामिल है। अनुसूचित जाति/जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के आवेदकों को जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है। निराश्रित कन्याओं, विधवा महिलाओं की पुत्रियों, दिव्यांग अभिभावकों की पुत्रियों और स्वयं दिव्यांग कन्याओं को विवाह के लिए प्राथमिकता दी जाती है। इस दौरान. समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव कुमार गोंड, सदर विधायक भूपेश चौबे, जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, मंडल अध्यक्ष चोपन भगवान दास केसरी सहित भाजपा के पदाधिकारियों और विभाग से सम्बंधित अधिकारी मौजूद रहे।

🛍️ Today’s Best Deals

(Advertisement)