समाज जागरण
अनूपपुर।
मध्य प्रदेश के आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा द्वारा ब्राह्मण समाज, विशेषकर ब्राह्मण बेटियों के खिलाफ की गई कथित अभद्र टिप्पणी पर पूरे प्रदेश में व्याप्त आक्रोश की लहर अब अनूपपुर जिले तक पहुंच गई है। जिले के कई स्थानों से बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग एकजुट हुए और उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें आईएएस अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
ज्ञापन सौंपने के लिए जुटे विभिन्न स्थानों के लोग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनूपपुर जिले के चचाई,अमलाई,राजेंद्रग्राम, जैतहरी, और कोतमा बिजुरी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से ब्राह्मण समाज के सदस्य, एवम मातृशक्तियां बड़ी संख्या में जिला मुख्यालय पर एकत्रित हुए।
इसी तारतम्य में कोतमा नगर में भी ब्राह्मण समाज में विशाल संख्या के साथ कोतमा थाने पहुंचकर संतोष वर्मा के खिलाफ एफआईआर की मांग की एवं कड़ी प्रक्रिया जारी करते हुए ब्राह्मण समाज के द्वारा यह कहा गया है कि इस तरीके की बयान बाजी समाज में विद्वेष फैलाने एवं सामाजिक सौहार्द की भावना को बिगड़ने का जानबूझकर लोक सेवा आयोग का अधिकारी के द्वारा इस तरह के वक्तव्य जारी किए गए हैं जो की समाज में पूरी तरीके से इस तरीके के बयान अस्वीकार हैं
अनुपपुर एवम कोतमा के ब्राह्मण समाज के प्रबुद्ध जनों की मुख्य मांग
आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा को तत्काल बर्खास्त कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। एवं ऐसे अधिकारी को पद मुक्त कर जेल में डाला जाए जिससे इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो एवं समाज में जहर घोलने का कार्य ऐसे अधिकारी को अशोभनीय है जिसके कारण जिले भर के संपूर्ण ब्राह्मण समाज में रोष एवं आक्रोश व्याप्त है!
आरोप: अधिकारी के बयान को नारी सम्मान और सामाजिक समरसता पर सीधा आघात बताया गया है।
प्रदर्शन: समाज के लोगों ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और कहा कि ऐसे अमर्यादित बयान देने वाले अधिकारी को उच्च पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।
संतोष वर्मा पर गिरी गाज, जारी हुआ नोटिस
आईएएस संतोष वर्मा के इस विवादित बयान, जो उन्होंने आरक्षण के संदर्भ में दिया था, के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने भी कड़ा रुख अपनाया है।
सरकारी कार्रवाई: सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने आईएएस संतोष वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
उल्लंघन: इस टिप्पणी को अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियमावली का गंभीर उल्लंघन माना गया है।
माफी: विवाद बढ़ने पर, अधिकारी संतोष वर्मा ने अपने बयान पर खेद व्यक्त करते हुए माफी भी मांगी है। हालांकि, ब्राह्मण समाज ने उनकी माफी को अस्वीकार करते हुए अपनी कार्रवाई की मांग पर अडिग रहने का फैसला किया है।
इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक सेवकों के आचरण और सामाजिक न्याय से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर चल रही बहस को गरमा दिया है। जिला प्रशासन ने समाज के प्रतिनिधियों से ज्ञापन लेकर उच्चाधिकारियों को भेज दिया है।



