सुनील बाजपेई
कानपुर। मजदूरों श्रमिकों हर वर्ग के कर्मचारियों के हित में सफल संघर्ष के लिए देशभर में चर्चित हिन्द मजदूर किसान पंचायत की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आगामी 29 मार्च को होने जा रही है।
यह जानकारी देते हुए राष्ट्रीय सचिव राकेशमणि पाण्डेय ने बताया कि हिन्द मजदूर किसान पंचायत के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की आगामी 29 मार्च को होने वाली यह बैठक धरगा नेचुरल फार्म, किललई, (पिचवरम एक टूरिस्ट स्थल है) पिचवरम चिदम्बरम कुडालोर तमिलनाडु में आहूत की गई है, जिसमें भारत सरकार द्वारा जारी चार लेबर कोड और अन्य श्रमिक समस्याओं पर गहनता से चर्चा के साथ ही अगले वर्ष 26, 27 कार्य समिति पर विचार भी किया जायेगा।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी की इस महत्वपूर्ण बैठक में उत्तर प्रदेश से भी सभी केन्द्रीय कार्य समिति के पदाधिकारी और सदस्य 28 मार्च 2026 को ही चेन्नई होते हुए कुला डोर तमिलनाडु में पहुँच रहे हैं।
वरिष्ठ श्रमिक नेता राकेशमणि पाण्डेय ने बताया कि राष्ट्रीय कार्य समिति की यह बैठक वर्तमान परिवेष में अत्यन्त महत्वपूर्ण है, जिसमें देश के सभी राज्यों से प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
उन्होंने बताया कि देश विदेश व अन्तर्राष्ट्रीय स्थितियों पर श्रमिकों की क्या भूमिका होगी और भारत के मजदूरों पर इसका क्या प्रभाव पड़ने वाला है। इस पर चर्चा के लिए यह बैठक आयोजित की गयी है, जिसमें अन्य श्रमिक संगठनों के साथ सहभागिता, संघर्ष और भारत सरकार द्वारा जारी चार लेबर कोड के संदर्भ में गुण दोषों पर विचार किया जायेगा।
इस बारे में यह भी अवगत कराते चलें कि हिन्द मजदूर किसान पंचायत गैर राजनैतिक संगठन के रूप में मजदूरों के हितार्थ स्व . जार्ज फर्लाडिस के संघर्षों के आदर्शों पर चलते हुए उनके द्वारा स्थापित दिशा निर्देशों के अनुरूप हिन्द मजदूर किसान पंचायत मजदूरों की अगुवाई कर रही है और तमाम क्षेत्रों में अपने संघर्ष की उपयोगिता भी सिद्ध की है,
वरिष्ठ श्रमिक नेता राकेश मणि पांडे ने यह भी बताया कि जिन स्थितियों और समस्याओं के लिए हिन्द मजदूर किसान पंचायत ने प्रारम्भ से ही अपने संघर्ष को बढ़ाने का कार्य किया है और मजदूर वर्ग को चेतावनी दी थी। आज वह सामने स्पष्ट रूप से दिखाई भी दे रही है। वह चाहे पुरानी पेंशन की उपयोगिता हो, नेशनल वेज पालिशी हो, समान कार्य वेतन सिद्धान्त हो या अन्य श्रमिक समस्याए हों।
एचएमकेपी के राष्ट्रीय महासचिव राकेश मणि पांडेय ने दावा किया कि एकजुटता व संघर्ष के बल पर सभी संगठनों को साथ लेकर हिन्द मजदूर किसान पंचायत ने अगुवाई की है। किन्तु अलग थलग संगठनों के अव्यवहारिक व उदासीन रवैये के फलस्वरूप मजदूरों के संघर्ष में लगातार गिरावट आ रही है। काम के घण्टे बढ़ाये जा रहे है। न्यूनतम मजदूरी व परिवर्तनीय महंगाई भत्ता निश्चित समयों पर नहीं दिया जा रहा। वर्गीकरण के चलते मजदूरों में बटवाया हो रहा है, जो अत्यन्त ही दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हिन्द मजदूर किसान पंचायत इन संघर्षों को श्रमिकों मजदूरों और कर्मचारियों के हित में सदैव आगे बढ़ता रहेगा।
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