वाराणसी, 20 मार्च (समाज जागरण): मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना–2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, वाराणसी में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उप परिवहन आयुक्त वाराणसी परिक्षेत्र, बी.एस. सिंह ने की।
बैठक में परिवहन विभाग एवं रोडवेज के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें आरटीओ (प्रवर्तन) मनोज वर्मा, आरटीओ (प्रशासन) राघवेन्द्र सिंह, एआरटीओ (प्रवर्तन) सुधांशु रंजन तथा रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक परशुराम पाण्डेय, एआरएम (सिटी) ए.के. सिंह और एआरएम विजय श्रीवास्तव शामिल रहे।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि योजना के अंतर्गत 15 से 28 सीट क्षमता वाले (अधिकतम 7 मीटर लंबाई) डीज़ल, सीएनजी या इलेक्ट्रिक वाहनों का चयन किया जाएगा। चयनित वाहनों की अधिकतम आयु पंजीयन तिथि से 8 वर्ष निर्धारित की गई है। साथ ही, अनुबंध अवधि 10 वर्ष की होगी, जिसे आवश्यकतानुसार 5 वर्ष तक बढ़ाया जा सकेगा। योजना के तहत चयनित वाहनों को परमिट से छूट देने का भी प्रावधान है।
अधिकारियों ने बताया कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम छोर तक यातायात सुविधा उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगी। बैठक में अधिक से अधिक परिवहन संचालकों को योजना से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया।
अब तक चार विकास खंडों से कुल 8 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। परिवहन विभाग ने आमजन एवं परिवहन संचालकों से अपील की है कि वे योजना की जानकारी प्राप्त कर इसमें भागीदारी करें और ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने में सहयोग दें।



