वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
जिलाधिकारी विशाल राज की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति एंव जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में आहूत हुई।
उक्त समीक्षा बैठक में ज़िले में स्थित बैंकों के साख जमा अनुपात, वार्षिक साख योजना,एमएसएमई, कृषि खंड, प्राथमिक क्षेत्र में किए गए कार्य, कृषि संबंध क्षेत्र में ऋण वितरण, जीविका समूहों का वित्त पोषण, पीएम रोजगार सृजन योजना, पीएम मुद्रा योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना, पीएमएफएमईए योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजना आदि के कार्यों की गहन समीक्षा की गई।
उक्त समीक्षा बैठक में एलडीएम द्वारा बताया गया की जिले के वर्ष 2025–26 की दूसरी तिमाही सितंबर 2025 की अवधि में साख जमा अनुपात की उपलब्धि 77.44% रही है।
इस खंड में सबसे अच्छा प्रदर्शन बैंक ऑफ महाराष्ट्र का रहा। सबसे कम यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया बैंक का प्रदर्शन रहा।
किशनगंज जिले के वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही सितंबर 2025 की अवधि में वार्षिक साख योजना की उपलब्धि 40.25% रही है। इस खंड में सबसे अच्छा प्रदर्शन आईसीआईसीआई बैंक का रहा।
एमएसएमई में लक्ष्य के विरुद्ध 2025-26 की दूसरी तिमाही में जिले की कुल उपलब्धि 42.83% रही जिसमे सबसे अच्छा प्रदर्शन एचडीएफसी बैंक का रहा। इसी क्रम में सबसे कम उपलब्धि सीबीआई बैंक का रहा। कृषि खंड में लक्ष्य के विरुद्ध 2025-26 की दूसरी तिमाही में जिले की कुल उपलब्धि 34.89% रही। सबसे अच्छा प्रदर्शन एचडीएफसी बैंक का रहा।
प्राथमिक क्षेत्र में दिया गया लक्ष्य के विरुद्ध 2025-26 की पहली तिमाही में जिले की कुल उपलब्धि 38.39% रही। सबसे अच्छा प्रदर्शन एचडीएफसी बैंक का रहा।
किसान क्रेडिट कार्ड निर्गत करने के क्षेत्र में जिले की स्थिति 2025-26 की दूसरी तिमाही में उपलब्धि 32.11% रही वहीं इस मद में किसानों को कुल 28598 रुपे कार्ड विभिन्न बैंकों द्वारा प्रदान किया गया तथा इन रुपे कार्ड में से कुल 1399 सक्रिय है। कमर्शियल बैंकों में सबसे अच्छा प्रदर्शन बैंक आफ इंडिया का रहा। किसान क्रेडिट कार्ड के तहत फसल बीमा योजना कृषि विभाग द्वारा संचालित की जाती है। जीविका समूहों का वित्तीय वर्ष 2025- 26 की दूसरी तिमाही तक प्रथम क्रेडिट लिंकेज के रूप में कुल 118 आवेदन, द्वितीय क्रेडिट लिंकेज के रूप में 375 आवेदन, तृतीय क्रेडिट लिंकेज के रूप में 526 आवेदन तथा चौथी क्रेडिट लिंकेज के रूप में कुल 28 आवेदनों तथा इन सभी आवेदनों में कुल 5474.33 लाख रुपए की ऋण को स्वीकृति की गई है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिए गए लक्ष्य 71 के विरुद्ध 32 आवेदन स्वीकृत किया गया है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के दूसरी तिमाही तक पूरे जिले में कुल 37220 ऋण आवंटित किए गए हैं जिसकी राशि 37216.52 लाख रुपए की है। इन आवेदनों में से शिशु मुद्रा योजना में कुल 12653 आवेदनों में से 5114.36 लाख रुपए, किशोर मुद्रा योजना के तहत कुल 24007 आवेदनों में से 27744.53 लाख रुपए तथा तरुण मुद्रा योजना के तहत कुल 505 आवेदनों में से 2810.18 लाख रुपए तथा तरुण प्लस मुद्रा योजना में कुल 55 आवेदनों में 1547.42 लाख रूपये की ऋण आवंटित की गयी। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमी योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही तक दिए गए लक्ष्य 138 के विरुद्ध 290 आवेदन की प्राप्ति हुई है इन आवेदनों में से 85 आवेदनों की स्वीकृति दी गई है तथा इन स्वीकृत आवेदनों में से 47 (लक्ष्य का 34.05%) आवेदनों को विभिन्न बैंकों द्वारा ऋण आवंटित कर दिया गया है
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की समीक्षा में एलडीएम ने बताया कि इस मद में वित्तीय वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही तक कुल 1024 आवेदन प्राप्त हुई। बैंक द्वारा 295 आवेदनों में कुल 238.92 लाख रूपये की ऋण आवंटित कर दी गयी है
प्रधानमंत्री स्वानिधि योजना के अंतर्गत 2024- 25 तक पुरे जिले के प्रथम ऋण में कुल 1932 ऋण आवेदनों में से 1410 आवेदन स्वीकृत किये गये हैं। स्वीकृत आवेदनों में से 1387 आवेदनों का ऋण भुगतान कर दिया गया है। द्वितीय ऋण में कुल 534 ऋण आवेदनों में से 305 आवदेन स्वीकृत किये गए हैं तथा तृतीय ऋण में कुल 124 ऋण आवदनों मे से 64 आवेदन स्वीकृत किये गये है।
बैठक में रजिस्टर-IX एवं X के मिलान की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी बैंकों से क्रमवार जानकारी ली गई। इस क्रम में अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM) को निर्देश दिया गया कि सभी बैंक प्रत्येक शनिवार को अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि प्रत्येक सोमवार को कार्य-संस्कृति की समीक्षा की जा सके। समीक्षा के दौरान कुछ बैंकों द्वारा अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर जिला पदाधिकारी एवं LDM द्वारा गहरी चिंता व्यक्त करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी गई कि भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।बैठक में बैंक ऑफ बड़ौदा एवं पंजाब नेशनल बैंक द्वारा विभागीय कार्यों के समुचित निष्पादन में कमी पाए जाने पर जिला पदाधिकारी एवं LDM ने गंभीर असंतोष व्यक्त करते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। साथ ही नीलाम से संबंधित रजिस्टर-IX एवं X के मिलान कार्य तथा आवेदनों पर समय से संज्ञान नहीं लेने के मामले में पीएनबी के जिला समन्वयक के प्रति भी गहरी चिंता जाहिर करते हुए चेतावनी दी गई।
जिलाधिकारी ने एलडीएम को सभी बैंकों का निरीक्षण प्रतिवेदन तैयार करने का निर्देश दिया। वहीं उद्योग विभाग से संबंधित बैठक में अनुपस्थित रहने वाले बैंकर्स के प्रति भी असंतोष व्यक्त करते हुए भविष्य में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने की चेतावनी दी गई।
बैठक में अवगत कराया गया कि 25 लोगों का एक बैच प्रारंभ किया जाना है, जिसमें 12 लोगों का प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है तथा शेष 13 लोगों का प्रशिक्षण कराया जाना है। जिलाधिकारी द्वारा सभी बैंकर्स को निर्देश दिया गया कि शेष 13 आवेदकों का शीघ्र ऋण वितरण सुनिश्चित किया जाए तथा 25 लोगों की सूची तैयार कर उन्हें दिनांक 18 को प्रशिक्षण हेतु भेजा जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विभाग से प्राप्त सभी निर्देशों का सख्ती से अनुपालन किया जाए। वर्ष 2014 में विभिन्न परियोजनाओं हेतु प्राप्त एवं अप्रयुक्त फंड को वापस करने का भी निर्देश दिया गया।
LDM द्वारा सभी बैंकों को जनहित में अधिक से अधिक कार्य करने की सलाह दी गई। वहीं UBGB को ग्राम विकास हेतु प्रदत्त राशि का समुचित उपयोग नहीं होने पर राशि वापस करने का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रशिक्षण के उपरांत कितने आवेदकों को कितना ऋण प्राप्त हुआ, कितने आवेदक सफल हुए तथा कितने लोग वर्तमान में कार्यरत हैं—इसकी विस्तृत सूची तैयार की जाए। मत्स्य, गव्य, पशुपालन विभाग सहित अन्य विभागों से प्राप्त आवेदनों की सूची के आधार पर पोर्टल पर ऋण स्वीकृति एवं वितरण से संबंधित डेटा अपलोड करने का निर्देश दिया गया।प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत 366 आवेदनों के स्वीकृत तथा 293 के वितरित होने की जानकारी दी गई। इस क्रम में अवगत कराया गया कि सिविल स्कोर कमजोर होने के कारण कई आवेदक पोर्टल से अस्वीकृत हो रहे हैं। इस पर जिला पदाधिकारी एवं LDM द्वारा निर्देश दिया गया कि जिन क्षेत्रों में कार्य संतोषजनक नहीं है, वहां सुधार लाते हुए मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर गरीब एवं वंचित वर्ग के आवेदकों को प्रोत्साहित किया जाए।
जिलाधिकारी ने नीलाम से संबंधित रजिस्टर-IX एवं X के समुचित मिलान का निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी समस्या की स्थिति में जिला नीलाम पत्र पदाधिकारी से समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा आवश्यकतानुसार कार्रवाई की जाएगी, वहीं बेहतर कार्य करने वालों की पहचान भी सुनिश्चित की जाएगी।उक्त बैठक में एडीएम आपदा प्रबंधन, वरीय उप समाहर्ता बैंकिंग श्रीमति श्रीति कुमारी, एलडीएम अभिषेक, जिला स्तरीय पदाधिकारी एंव सभी बैंक के पदाधिकारी, कर्मी उपस्थित थे।



